19 October, 2018

एक तिहाई युवा हाइपरटेंशन के शिकार

लखनऊ। देश में एक-तिहाई युवाओं में हाइपरटेंशन की संभावनाएं झलकती हैं। आज की भागदौड़ की जिंदगी में इस बीमारी का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ गया है। भारत में इस बीमारी का अनुपात विश्व में सबसे ज्यादा है। युवा स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और दिनदर्या में नियमित व्यायाम शामिल कर इससे बच सकते हैं। यह जानकारी डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के ह्नदय रोग विशेषज्ञ डा. नवीन जामवाल ने दी।
डा. जामवाल ने बताया कि पहले की अपेक्षा हाइपरटेंशन विशेषकर युवाओं और महिलाओं में ज्यादा पाया जा रहा है। यह पश्चिमी कल्चर के बढ़ते प्रभाव के कारण है। फिलहाल महिलाओं में पुरूषों के मुकाबले इसकी संख्या कम है। एक शोध का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर व्यक्ति को 5-6 ग्राम नमक का सेवन ही करना चाहिए, लेकिन इस शोध से पता चला है कि युवावर्ग में इसकी मात्रा 50 फीसद से ज्यादा है, जोकि उनके लिए घातक है। महिलाएं चटपटी चीजें खाना ज्यादा पसंद करती हैं जो उनके स्वास्थ्य के लिए घातक है।
डा. नवीन जामवाल ने हिन्दुस्थान समाचार से कहा कि कम समय में ज्यादा कमाने की मानसिकता से युवाओं में हाइपरटेंशन बढ़ता जा रहा है। 40 साल से कम के युवाओं में स्ट्रोक का बड़ा कारण भी यह बीमारी है। यह अन्य गंम्भीर बीमारी जैसे कि हदयघात, स्ट्रोक का मुख्य कारक है। इस जानलेवा बीमारी का बचाव पूर्णतयः संम्भव है। इसको सही जानकारी, दवाओं और जीवनशैली में बदलाव पूर्णतयः नियत्रित किया जा सकता है। चिकित्सकों के मुताबिक शहरी महिलाओं में भी यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।
केजीएमयू के डा. ऋषि सेठी ने बताया कि सामान्य रूप से हाइपरटेंशन मोटापा, आनुवांशिक कारण, शराब का अत्यधिक सेवन, अधिक मात्रा में नमक के सेवन के कारण होता है। इसके अलावा व्यायाम न करने, तनाव और दर्द निवारक दवाओं का सेवन भी इसकी प्रमुख वजह है।
चिकित्सकों के मुताबिक हाइपरटेंशन इसलिए खतरनाक है, क्योंकि इसकी वजह से हार्ट को अधिक काम करना पड़ता है। यही नहीं हाई बीपी के चलते कई अन्य समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं। 

grish1985@gmail.com

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