19 November, 2018

धीरे-धीरे दिवालिया कानून की गिरफ्त में आरकॉम !

Reliance Communications Limited,American tower corp
  • एटीसी आर कॉम से 230 करोड़ रुपये का बकाया मांग रही है। अदालत में केस दर्ज कराया है
  • इस पर अदालत में आरकॉम ने जो हलफनामा दिया है, उससे बैंक खातों में पड़ी रकम की जानकारी मिली है
  • ATC का बकाया चुकाना मुश्किल
  • RCom-RTL के 144 बैंक खातों में सिर्फ ~19.34cr

कोलकाता। रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) ने बताया है कि कंपनी और उसकी सब्सिडियरी रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) के 144 के करीब बैंक खातों में कुल 19.34 करोड़ रुपये ही हैं, इसलिए वह अमेरिकन टावर कॉर्प (एटीसी) का बकाया नहीं चुका पा रही है। कंपनी के बकाया न चुकाने का यह हालिया मामला है, जिससे उसकी परेशानी बढ़ सकती है।

अनिल अंबानी की कंपनी को पिछले साल 46 हजार करोड़ के भारी-भरकम कर्ज और टेलीकॉम मार्केट में प्राइस वॉर के चलते आमदनी कम होने और घाटा बढ़ने पर वायरलेस बिजनेस बंद करना पड़ा था। एटीसी उनकी कंपनी से 230 करोड़ रुपये का बकाया मांग रही है। उसने इस मामले में अदालत में केस दर्ज कराया है। इस पर अदालत में आरकॉम ने जो हलफनामा दिया है, उससे बैंक खातों में पड़ी रकम की जानकारी मिली है।

आरकॉम इस साल पहले दिवालिया कानून के पचड़े में फंसने से बाल-बाल बची थी। उसने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि उसके पास 119 बैंक खातों में 17.86 करोड़ रुपये हैं, जबकि उसकी सब्सिडियरी आरटीएल ने 25 बैंक खातों में 1.48 करोड़ रुपये होने की जानकारी दी है। दोनों ही कंपनियों ने अक्टूबर में अदालत में हलफनामे दायर किए थे। उन्होंने कोर्ट से बैंक स्टेटमेंट दायर करने के लिए मोहलत भी मांगी है। इस मामले में अगली सुनवाई अब 13 दिसंबर को होगी। बोस्टन की एटीसी का कहना है कि आरकॉम और आरटीएल से एग्जिट फीस और सर्विस चार्ज के रूप में उसे 230 करोड़ रुपये वसूलने हैं। यह जानकारी इस मामले से वाकिफ एक सूत्र ने दी है। एटीसी ने इस साल फरवरी में आरकॉम और आरटीएल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें उसने बकाया रकम चुकाने की गारंटी इन कंपनियों से मांगी थी।

एक अलग मामले में एटीसी ने आरकॉम के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट के पहले के एक आदेश को लेकर अवमानना का केस भी दर्ज कराया है। यह फैसला अदालत ने 6 दिसंबर 2017 को दिया था। इसमें अनिल अंबानी की कंपनी से सिस्टेमा श्याम टेलीसर्विसेज (एसएसटीएल) के 88 करोड़ के बकाए पर बैंक गारंटी मांगी गई थी। एसएसटीएल को पिछले साल आरकॉम ने खरीदा था। अब इस मामले में आर्बिट्रेशन चल रहा है।

बैंक खातों में बकाया रकम को लेकर खबर लिखे जाने तक एटीसी और आरकॉम से पूछे गए सवालों के जवाब नहीं मिले थे। वहीं, आरकॉम का शेयर मंगलवार को बीएसई पर 1.8 पर्सेंट की गिरावट के साथ 13.81 रुपये पर बंद हुआ था। आरकॉम अभी कई पावरफुल मल्टीनेशनल कंपनियों के साथ कानूनी लड़ाई में फंसी है। इस बीच एटीसी की तरफ से उसके सामने नई चुनौती खड़ी हुई है। आरकॉम को 15 दिसंबर तक एरिक्सन का 550 करोड़ का बकाया ब्याज समेत चुकाना है। आरकॉम अपनी वायरलेस एसेट्स जियो को और रियल एस्टेट एसेट्स ब्रुकफील्ड को बेचकर 18 हजार करोड़ जुटाने की कोशिश कर रही है ताकि बैंकों और एरिक्शन जैसे ऑपरेशनल क्रेडिटर्स का बकाया चुकाया जा सके। वह स्विचिंग नोड्स और ऑप्टिक फाइबर बिजनेस जियो को 5 हजार करोड़ में पहले बेच चुकी है, लेकिन स्पेक्ट्रम बेचने की डील रुकी हुई है।

rgautamlko@gmail.com

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