11 December, 2018

विशिष्ट दिव्यांगता पहचान-पत्र बनाये जाने के लिए दिशा-निर्देश जारी

एनडीएस ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए विशिष्ट दिव्यांगता पहचान-पत्र (यूडीआईडी) बनाये जाने के सम्बन्ध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है।
राज्य के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय ने बताया कि इस संबंध जारी सर्कुलर के अनुसार इस परियोजना के तहत केन्द्रीय वेब एप्लीकेशन पूरे भारत के लिए दिव्यांगजन के डाटाबेस को ऑनलाइन सुलभ कराना है। उन्होंने बताया कि दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना का प्रमुख उद्देश्य देश के सभी दिव्यांगजनों का एक समग्र डाटाबेस विकसित कर उसके तहत सभी दिव्यांगजनों का एक पहचान-पत्र और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र निर्गत करना है, जो पूरे भारत के लिए मान्य होगा। यूडीआईडी बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराये जाने के बाद दिव्यांगजन के डाटाबेस में डुप्लीकेशन समाप्त हो जायेगी।
इस परियोजना के समन्वय के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी,मुख्य चिकित्साधिकारी तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी की एक तीन सदस्यीय समिति होगी, जो इसकी नियमित प्रगति का अनुश्रवण सुनिश्चित करेगी। समिति अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह में कम से कम एक बार इसकी प्रगति की अवश्य समीक्षा करेगी।
श्री पाण्डे ने बताया कि सरकार द्वारा प्रचार-प्रसार के लिए जो भी धनराशि उपलब्ध करायी गयी है, उसका जिले स्तर पर उचित सदुपयोग सुनिश्चित किया जायेगा और इस समिति से कार्ययोजना का अनुमोदन प्राप्त करके व्यय सुनिश्चित किया जायेगा। साथ ही प्राप्त धनराशि के सदुपयोग का उपभोग प्रमाण-पत्र जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा भेजा जायेगा तथा जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के लिए इस परियोजना के लिए कम्प्यूटर हार्डवेयर के लिए धनराशि प्राप्त हो गयी है या हो रही है, वह इस धनराशि का इसी परियोजना के लिए सदुपयोग करेंगे और उसका उपभोग प्रमाण-पत्र भारत सरकार को भेजना सुनिश्चित करेंगे। जारी सर्कुलर के अनुसार यह परियोजना नितान्त महत्वपूर्ण है और दिव्यांगजन के लिए इसका दूरगामी प्रभाव होगा। दिव्यांगजन को मिलने वाली सभी सुविधाएं इस पहचान पत्र पर आधारित होंगी। वर्तमान में दिव्यांगजन को जो दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय द्वारा निर्गत किये जा रहें हैं, वह केवल प्रदेश के लिए ही मान्य हैं, लेकिन यूडीआईडी कार्ड की मान्यता राष्ट्रीय स्तर की होगी।

 

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