11 December, 2018

सात सीट से अधिक वाले निजी वाहन स्वामियों को मिलेगा लाभ

एनडीएस संवाददाता
लखनऊ। आठ साल तक पुराने कॉमॢशयल वाहनों की फिटनेस अब दो साल के लिए होगी। व्यावसायिक वाहन स्वामियों को सालाना फिटनेस की बाध्यता से मुक्त कर दिया गया है। परिवहन विभाग ने लागू हो रही इस नई व्यवस्था को एनआइसी के साफ्टवेयर से जोड़ उसका ट्रायल भी कर लिया है। पहली दिसंबर से यह व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी। अभी तक कॉमॢशयल वाहनों की हर साल स्वस्थता जांच कराए जाने का नियम है। नए वाहनों को दो साल बाद हर वर्ष सालाना फिटनेस कराया जाना जरूरी होता है। केंद्रीय मोटरयान नियमावली में बदलाव करते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत अब गाड़ी मालिक को आठ वर्ष तक पुराने वाहन की हर साल फिटनेस जांच नहीं करानी पड़ेगी। दो साल बाद उसे गाड़ी की फिटनेस करानी होगी। इससे प्रदेश के तकरीबन साढ़े 15 लाख कॉमॢशयल वाहनस्वामी लाभान्वित होंगे। लागू होने जा रही इस नई व्यवस्था का लाभ सात से अधिक सीट वाले निजी वाहनस्वामियों को भी होगा। सात साल तक की उम्र वाली गाड़ी की स्वस्थता जांच के लिए उन्हें भी साल भर के स्थान पर दो साल का मौका मिलेगा। कंपनी से बनकर आई गाडिय़ों की बॉडी दो साल के लिए फिट मानी जाएगी। पंजीयन के साथ ही ऐसे वाहनस्वामियों को दो साल तक फिटनेस प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी। अपर परिवहन आयुक्त गंगाफल ने बताया कि आठ साल तक के पुराने वाहनों को अब दो साल में फिटनेस करानी होगी। परिवहन आयुक्त पी. गुरुप्रसाद के निर्देश पर विभाग ने साफ्टवेयर का ट्रायल पूरा कर लिया है। मामूली चीजों को दो-तीन दिन में दुरुस्त करा इसे पहली दिसंबर से लागू करा दिया जाएगा।

 

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