22 February, 2018

बगावती जजों के समर्थन में 4 पूर्व न्यायाधीशों ने लिखी खुली चिट्ठी, CJI की बढ़ी मुसीबत

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश समेत चार सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने देश के प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्र को एक खुला पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने मामलों के आवंटन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने इस बात पर बल दिया है कि मौजूदा संकट का समाधान न्यायापालिका के भीतर ही किया जाना चाहिए।

पत्र लिखने वालों में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पीबी सावंत, दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एपी शाह, मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व जज के. चंद्रू और बांबे हाई कोर्ट के पूर्व जज एच. सुरेश शामिल हैं। यह पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। जस्टिस शाह ने खुला पत्र लिखने की पुष्टि करते हुए कहा, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने जो विचार व्यक्त किए हैं वे पूरी तरह सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की राय से मिलती है कि जब तक इस संकट का समाधान नहीं होता तब तक अहम मसले वरिष्ठ न्यायाधीशों वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ में सूचीबद्ध करने चाहिए।

खुले खत में चारों पूर्व न्यायाधीशों के हवाले से लिखा गया है, ‘सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों ने केसों के आवंटन के तरीके को लेकर, खासकर संवेदनशील मसलों को विभिन्न पीठों में आवंटन के तरीके को लेकर कुछ मुद्दों पर प्रकाश डाला है।

प्रधान न्यायाधीश के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई रविवार को लखनऊ में थे लेकिन आमंत्रण के बावजूद मीडिया को इस कार्यक्रम से दूर रखा गया।  सुप्रीम कोर्ट के जजों की बगावत के बाद उपजे संकट के समाधान के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडलों ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्र से मुलाकात की। जस्टिस दीपक मिश्र ने संकट के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। निकाल लिया जाएगा और सौहार्द बना रहेगा।

rgautamlko@gmail.com

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