21 April, 2018

एक सप्ताह बाद भी पुलिस को नहीं मिले वन रक्षक के हत्यारे

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  • इंदिरानगर पुलिस पर लगा लापरवाही का आरोप

एम.एम.सरोज
लखनऊ। इन्दिरानगर थाना क्षेत्र में पांच दिन पूर्व हुई वन रक्षक घनश्याम की हत्या के मामले पुलिस अभी तक हत्यारों का पता लगाना तो दूर हत्या की वजह तक तलाश नहीं सकी है। यही नहीं वन रक्षक के गायब होने से लेकर हत्या किए जाने तक पुलिस की हीलाहवाली व लापरवाही का खामियाजा पीडि़त परिवार झेल रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात साफ हो गई थी कि उसकी हत्या करके शव को तालाब के किनारे फेंक दिया गया था।

परिजनों ने हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। फिलहाल पुलिस इस मामले में कुछ करीबीयों से पूछताछ का रही है, लेकिन कुछ खास हासिल नहीं कर सकी है। ज्ञात हो कि मूल रुप से कासिमपुर हरदोई निवासी घनश्याम यादव (40) पुत्र स्व.राधेश्याम यादव अपनी पत्नी सुनीता बेटा वीरु के साथ रुम नंबर-2 सर्वेंट कालोनी पिकनिक स्पाट फरीदीनगर में रहते थे।

घनश्याम वन विभाग में वन रक्षक के पद पर तैनात थे। बेटे वीरु यादव के मुताबिक उनके पिता घनश्याम यादव बीते 21 मार्च को शाम करीब चार पांच बजे डयूटी पर गए थे। रात में करीब 9 बजे उनके पिता के अन्य साथी कर्मचारी रामप्रसाद यादव ने उनकी मां सुनीता को फोन करके बताया कि वह डयूटी से घर आ रहे हैं, पर वह देर रात तक घर वापस नहीं लौटे। उसके बाद सुबह उनकी खोजबीन की गई, लेकिन वह नहीं मिले तो इन्दिरानगर थाने गए। उनकी गुमशुदगी दर्ज कराने, लेकिन वहां से उन्हें खुरर्म नगर चौकी पर भेज दिया गया था।

खुरर्म नगर चौकी पर तैनात दरोगा संतोष ने कहा कि जाओ खुद तलाश करो, मिल जाएंगे। चार दिनों तक पुलिस का चक्कर लगाने के बाद 26 मार्च की सुबह घनश्याम का हत्याकर फेंका गया शव जंगल में गेस्ट हाउस के पीछे फेस-1 के पास तालाब में औंधे मुंह मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पांच दिन बाद भी पुलिस कातिलों के सुराग लगाने में नाकाम रही है।

rgautamlko@gmail.com

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