21 October, 2018

पिता की कविताओं को कंपोज कर रहे हैं अमिताभ

पिता की कविताओं को कंपोज कर रहे हैं अमिताभ

मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविताओं को कंपोज कर रहे हैं।

अमिताभ ने बताया कि उन्होंने अपने पिता की सबसे फेमस कविता ‘मधुशाला’ को संगीत से सजाकर तैयार कर लिया है और अब दूसरी कविताओं पर काम कर रहे हैं। अमिताभ ने कहा, “ मैं पिछले कई महीनों से संगीत को लेकर विस्तार में काम कर रहा हूं। बाबू जी की कविताएं हैं, जिनको मैं संगीतबद्ध कर रहा हूं। बाबू जी की कविताओं को संगीत से सजाकर उसी सुर और ताल में कंपोज़ करना और गाना चाहता हूं, जिस सुर में बाबू जी खुद सुनाते थे। मैंने मधुशाला को रिकॉर्ड कर लिया है, हो सकता है एक-आध महीने में आपके सामने पेश भी करुंगा। बहुत सी दूसरी कविताओं को पढ़ा और संगीत के साथ सजाया भी है।”

अमिताभ ने कहा, “मुझे ऐसा लगता है आज की जो युवा पीढ़ी है उनको साहित्य, कविताओं जैसी चीजों में उतनी दिलचस्पी नहीं है, अगर हम उन्ही कविताओं को अच्छी तरह संगीत में सजाकर पेश करें, तो हो सकता है कि आज की युवा पीढ़ी को पसंद आए।’कहीं न कहीं’ म्यूजिक के साथ मेरा लगाव हमेशा से रहा है, इसी वजह से यह सब कर पा रहा हूं। संगीत से तो सबको लगाव होता है। आप भी कभी बैठिए स्टूडियो में। आजकल तो वैसे भी बहुत आसान हो गया है। ऑटो ट्यूनर में डाल दीजिए, बेसुरा गाइए, गाना सुरीला बन जाएगा। बाद में उसको म्यूजिक से सजा देते हैं तो बढ़ियां गाना बन जाता है।’

 

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