18 February, 2019

अनुराग के हंटर से दागियों में हड़कम्प

एनडीएस ब्यूरो

लखनऊ। कांटे को कांटे से निकालने की कहावत पंचायतीराज विभाग पर सटीक साबित होती है। भ्रष्टïाचार के नित नए-नए आयाम स्थापित करने वाले इस विभाग में ईमानदार और सख्त छवि के प्रमुख सचिव की तैनाती के बाद से हड़कम्प मच गया है। कमाओ-खाओ के कल्चर में रचे-बसे पंचायतीराज विभाग में अब न तो मंत्री की चौधराहट चल पा रही है और न ही निदेशक की मासूमियत काम आ रही है।

बताते चलें कि योगी सरकार के लगभग दो साल के कार्यकाल के दौरान लम्बे समय से पंचायतीराज विभाग में डटे पूर्व प्रमुख सचिव चंचल तिवारी के कारनामों की आंच शासन तक पहुंची। इसके बाद सरकार ने प्रमुख सचिव चंचल तिवारी को प्रमुख सचिव के पद से विदाई करके राजेन्द्र कुमार तिवारी को तैनात किया था। इसके बावजूद पंचायतीराज विभाग में अनियमितताओं का खेल नहीं रुका। हाल यह रहा कि शौचालयों की संख्या में खूब फर्जीवाड़ा हुआ। इसी फर्जीवाड़े के आधार पर पंचायत विभाग के कुछ अफसरों को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित करवा दिया। जब यह मामला प्रकाश में आया, जांच में दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई थी। इस मामले में पूर्व निदेशक विजय किरन आनंद पर भी गाज गिरी थी। सरकार ने पंचायतीराज विभाग के निदेशक पद पर आकाश दीप की तैनाती की थी। लेकिन तत्कालीन प्रमुख सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी को ईमानदार अफसर आकाश दीप की कार्यशैली रास नहीं आई। अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके आकाश दीप को पंचायती राज निदेशक पद से हटवा दिया था। इसके बाद इस पद पर मासूम अली सरवर की तैनाती हुई। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों का कहना है कि सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद पंचायतीराज विभाग में अनियमितताओं का खेल नहीं रुका है। विभागीय मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी की समीक्षा अधिकारी आनंद, पंचायतीराज विभाग की उपनिदेशक प्रवीणा चौधरी और अरविन्द कुमार राय पर खास मेहरबानी के चलते अनियमितताओं जबरदस्त खेल चल रहा है। इन कार्मिकों का विभाग में जबरदस्त प्रभाव है। एक माह पूर्व 75 एडीपीआरओ और एडी के प्रमोशन में खूब धांधली हुई है। जिसने सुविधा शुल्क दिया, उसी का प्रमोशन हुआ। अब  मलाईदार पदों पर पोस्टिंग देने के लिए खेल चल रहा है। जिसको लेकर पंचायतीराज विभाग में खूब आक्रोश है। शासन ने भ्रष्टïाचार पर अंकुश लगाने के लिए प्रमुख सचिव पंचायतीराज विभाग राजेन्द्र कुमार तिवारी को हटाकर ईमानदार और सख्त छवि के वरिष्ठï आईएएस अनुराग श्रीवास्तव को कमान सौंपी है। अपनी कार्यशैली के अनुरूप पहली ही बैठक में सख्त संदेश दिया कि अगर कोई अनियिमतता की शिकायत आई तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही विभाग में चल रहे

अनियिमताओं के खेल पर प्रहार करना शुरू कर दिया। जिसके क्रम में सबसे पहले जिला पंचायत अधिकारी की नियमित नियुक्ति न होने के कारण सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), सहायक जिला पंचायत अधिकारी (प्रावि) को आहरण वितरण दिए जाने के खेल को खत्म कर दिया है। इसका मंत्री ने काफी विरोध किया था। सूत्रों का कहना है कि मंत्री और पूर्व प्रमुख सचिव के दबाव में निदेशक मासूम अली सरवर मात्र स्टैम्प बन कर रह गए हैं। इसी वजह से विभाग में अनियमितताओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। नए प्रमुख सचिव की सख्ती से दागी और अनियिमतताओं के खेल के बाजीगर अफसरों में हड़कम्प मचा हुआ है। अपनी गर्दनें बचाने के लिए मंत्री से दागियों ने गुहार लगाना शुरू कर दिया है।

पंचायतीराज विभाग के निदेशक मासूम अली सरवर ने कहा कि विभाग में कोई अनियमितता नहीं हो रही है। लेकिन इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि प्रोन्नत होने के बावजूद एडीपीआरओ और एडी पोस्टिंग के लिए क्यों लटका रखा है। प्रमुख सचिव पंचायतीराज अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि अभी कुछ ही दिन हुए हैं विभाग को देखते हुए। लेकिन किसी भी सूरत में भ्रष्टïाचार स्वीकार्य नहीं होगा। अगर कोई अनियमितता सामने आती है तो जांच कराकर दोषी को जेल भेजने की कार्यवाही की जाएगी। पंचायतीराज विभाग के मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने कहा कि पंचायतीराज विभाग ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के सपनों को साकार करने में लगा है। विभाग में न कोई अनियिमतता नहीं हुई है, आगे भी संभावना नहीं है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह बेबुनियाद और असत्य हैं।

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