20 September, 2018

अपोलो अस्पताल ने की सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश कबीर के निधन की पुष्टि

कोलकाता। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायधीश अल्तमस कबीर के स्वास्थ्य को लेकर दिनभर भ्रम की स्थिति बने रहने के बाद अपोलो अस्पताल ने शाम चार बजे के बाद उनके निधन की पुष्टि की। वह पिछले कई दिनों से इस अस्पताल में उपचाराधीन थे। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के 39वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर देश को अपनी सेवाएं दी थीं।

उससे पहले वह कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायाधीश तथा झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके थे। 1973 में कोलकाता बार एसोसिएशन में अधिवक्ता के तौर पर शामिल हुए अल्तमस कबीर ने सबसे पहले कोलकाता के जिला अदालत में वकालत की। 1990 में वे कोलकाता हाई कोर्ट के जज बने। साल 2005 में उन्हें झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश का दायित्व मिला।

उसी साल सितंबर में अल्तमस कबीर को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया। 29 सितम्बर 2012 को अल्तमस कबीर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने और इस पद पर 18 जुलाई 2013 तक बने रहे। 1948 में कोलकाता में जन्मे अल्तमस कबीर ने एक कानूनविद के तौर पर काफी ख्याति अर्जित की थी। उनके पिता जहांगीर कबीर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता थे।

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अल्तमस कबीर के स्वास्थ्य को लेकर रविवार दिनभर भ्रम की स्थिति बनी रही। रविवार सुबह नौ बजे उनके निधन की खबर आई। हिन्दुस्थान समाचार ने जब इसकी पुष्टि करने के लिए अपोलो अस्पताल से संपर्क किया तो बताया गया कि उनकी हालत बेहद नाजुक है और उन्हें लाइफ सपोर्ट प्रणाली पर रखा जा रहा है। इसके बाद दोपहर एक बजे जब दोबारा अस्पताल से संपर्क किया गया तो बताया गया कि उनका निधन हो चुका है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।

इसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे अस्पताल से बताया गया कि अल्तमस कबीर को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। शाम चार बजे हिन्दुस्थान समाचार ने फिर से अपोलो हास्पिटल में फोन किया। इस बार अस्पताल के बिजनेस व मार्केटिंग हेड सोमनाथ भट्टाचार्य से बात हुई लेकिन जैसे ही हमने अल्तमस कबीर के बारे में उनसे पूछा तो उन्होंने बिना कुछ बताये फोन काट दिया। दोबारा फोन करने पर रिसेप्शन से हमे बताया गया कि वे अभी व्यस्त हैं|

इसलिए बात नहीं हो सकती। दरअसल दोपहर 12 बजे तक सभी स्थानीय संवाद माध्यमों में यह खबर चल गई थी कि अल्तमस कबीर का निधन हो गया है। उस वक्त भी अस्पताल की तरफ से इस खबर का खंडन नहीं किया गया और न शाम तक खबर की पुष्टि की गई। उल्टे अस्पताल के इस रवैये से सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर के स्वास्थ्य लेकर भ्रम की स्थिति बनी रही। शाम चार बजे के बाद जब मीडिया का दबाव बढ़ा तब अस्पताल प्रशासन ने पूर्व न्यायाधीश कबीर के निधन की पुष्टि की।

rgautamlko@gmail.com

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