23 January, 2018

लखनऊ। किसानों को शोषण से बचने और प्रदेश के किसानों की आय साल 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने अपना ध्यान उपज का सही दाम दिलवाने पर केंद्रित किया है। किसानों को उपज बेचने के लिए अधिक विकल्प के

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गुजरात चुनाव में बुलाना पड़ा योगी आदित्यनाथ को बीजेपी कार्यकर्ताओं की मांग पर मोदी के बाद योगी की ही ज्यादा सभाएं करानी पड़ीं निकाय चुनाव में बीजेपी की जीत ने भी ब्रांड योगी को मजबूत बनाया लखनऊ।गुजरात में पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया

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यूपी में पूंजी निवेश को राज्य सरकार का अगला पड़ाव मुम्बई मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ भी कार्यक्रम में होंगे शामिल लखनऊ।यूपी को विकसित राज्य बनाने के मद्देनजर योगी सरकार देश और विदेश के उद्यमियों को ही नहीं दूसरे देशों की सरकारों को भी आकर्षित करने

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जनवरी में महोत्सव कराये जाने की कवायद लखनऊ। 24 जनवरी से मनाए जाने वाले उत्तर प्रदेश दिवस के साथ ही लखनऊ महोत्सव कराये जाने की कवायद तेज कर दी गयी है। इस संबंध में तैयारियां चल रही है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो जनवरी के

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मंत्री भी हो सकते हैं नई व्यवस्था में शामिल सचिवालय में अब लगेगी बायोमीट्रिक हाजिरी! अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक आएंगे दायरे में लखनऊ। सचिवालय के बेलगाम कार्मिकों पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार अब उनकी हाजिरी बायोमैट्रिक करने जा रही है। यह व्यवस्था सचिवालय

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लखनऊ। केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान गृहमंत्री लखनऊ विश्वविद्यालय (लविवि) में आयोजित दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगे। भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि गृहमंत्री नौ दिसम्बर को सुबह 9:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचेंगे।

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सीतापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को नैमिषारण्य से जुड़े तीर्थों के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए की घोषणा की। इस राशि से ललिता कुंड, आरोग्य पार्क, चक्र तीर्थ, स्नान घाट सीतापुर, सीता कुंड और गलियों का विकास किया जाएगा। इसके

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देशकाल व भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल नई तकनीक को अपनाया जाए  तारकोल के साथ प्लास्टिक का उपयोग कर  अच्छी गुणवत्ता की सड़क कम लागत में बनायी जा सकती हैं विकास गतिविधियों एवं सरकारी सुविधाओं को दूर-दराज  इलाकों में पहुंचाने के लिए अच्छी सड़के आवश्यक

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नई दिल्ली में उ0प्र0 इन्वेस्टर समिट-2018 के लिये पहला रोडशो आयोजित। उत्तर प्रदेश में निवेशकों एवं उद्यमियों को सभी प्रकार की सुविधायें मुहैया कराई जायेंगी। प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिये अनकूल वातारण के साथ विकास एवं निवेश की अपार सम्भावनायें नई दिल्ली। प्रदेश सरकार

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माध्यमिक शिक्षा विभाग ने जारी किया प्रस्तावित 'फीस-कंट्रोल' क़ानून का मसौदा  लखनऊ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने आज प्रदेश सरकार के माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से यहांमीडिया के सामने शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की नीयत और अभिवावकों को राहत देने की बात करते हुये,मनमानी फीस वसूली की स्थितियों को रोकने केलिए प्रस्तावित 'उप्र वित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क का विनियमन) विधेयक, 2017 के मुख्य प्राविधान, आपत्तियों एवं सुझावों हेतु जारी कर दिए। अब इस पर रायशुमारी के बाद इसे कानूनी स्वरुप देकर अभिवावकों को बड़ी राहत देने के लिए इसी लागू किया जा सकेगा। परन्तु सवाल यह है कि प्रदेश में पूरी तरह कारोबार का रूप ले चुकी शिक्षा व्यवस्था और इसको संचालित करने वाले कुछ बड़े शिक्षा माफियाओं को क्या यहकोशिश नियंत्रित कर पाएगी, या फिर वही 'ढाक के तीन पात' वाली स्थिति होगी और जो जैसा चल रहा है वैसा ही चलता रहेगा यह प्रस्तावित विधेयक शिक्षाजगत में हो रही मनमानी फीस वसूली पर लगाम लगाकर आम जन को राहत दे पायेगा या नहीं यह यक्ष प्रश्न अब भी भविष्य के गर्त में ही बना है। राजधानी में सत्ता के सर्वोच्च केंद्र मुख्यमंत्री सचिवालय के मीडिया सेंटर में आज उपरोक्त मामले के लिए लाये जारहे इस नए क़ानून के बारे में उपमुख्यमंत्री डॉदिनेश शर्मा ने बताया कि इस विधेयक का प्रस्तावित स्वरुप तैयार है, अब इसपर आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किये जारहे हैं इसके बाद इस विधेयक कोकानूनी जामा पहनाने की अग्रेतर कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। डॉ शर्मा ने कहा कि गुणवत्ता परक शिक्षा के साथ अभिवावकों का संरक्षण हो सके, तथा सुप्रीम कोर्ट द्वारा शुल्क के मामले पर दिए गए निर्देशों का अनुपालन भीसुनिश्चित रह सके, इन सभी बातों को दृष्टिगत रखते हुए यह प्रस्तावित विधेयक तैयार किया जा रहा है उन्होंने कहा कि इस विधेयक को तैयार करने से पूर्व देश के विभिन्न राज्यों में लागू शुल्क विनियमन विधेयकों का अध्ययन किया गया, अनेकों शिक्षाविदोंकी राय ली गयी, विधानपरिषद में शिक्षक दल के सदस्यों की भी राय को शामिल किया गया, अभिवावकों एवं विद्यालय संचालकों की भी राय ली गयी, तब यहप्रस्तावित विधेयक तैयार कर सामने लाया गया है। अभी यह विधेयक का प्रस्तावित स्वरुप मात्र है। इसे लागू होने से पहले आपत्तियों और सुझावों की प्रक्रिया से गुजरना होगा। आज से यह बेबसाइटhttps://www.madhyamikshiksha.up.nic.in पर उपलब्ध होगा। सम्बन्धित कोई भी व्यक्ति या संस्था अपना लिखित सुझाव या आपत्तियां दिनांक 22-12-2017 को अपरान्ह 6 बजे तक निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश को ईमेल आईडी desecedu@gmail.com पर अथवा पत्र के माध्यम से भेज सकता है।   बॉक्स

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