11 December, 2018

बजरंग ने दिलाया भारत को पहला स्वर्ण 

wrestler Bajrang Punia,18th Asian Games,Daiichi Takatani of Japan
  • बजरंग ने गुरु योगेश्वर की उपलब्धि को दोहराया
  • सुशील कुमार का पदक जीतने का सपना टूटा

जकार्ता। भारत के पहलवान बजरंग पूनिया ने अपने नाम के अनुरूप करिश्माई प्रदर्शन करते हुए 18वें एशियन गेम्स में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिला दिया। बजरंग ने कुश्ती मुकाबलों के 65 किग्राफ्री स्टाइल वजन वर्ग के फाइनल में जापान के दाइची ताकातानी को 11-8 से पराजित कर इन खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीत लिया। बजरंग ने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया और अपने रास्ते के सभी पहलवानों को धूल चटाते हुए खिताब अपने नाम किया।

बजरंग ने चार साल पहले इंचियोन एशियन गेम्स में 61 किग्रावर्ग में रजत पदक जीता था और इस बार उन्होंने 65 किग्रावर्ग में उतरकर देश को सोना दिलाया। फाइनल में बजरंग को जापानी पहलवान ने कड़ी टक्कर दी लेकिन बजरंग ने निर्णायक मौकों पर अद्भुत प्रदर्शन किया। भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। बजरंग के स्वर्ण जीतते ही इंडोनेशिया में तिरंगा लहरा उठा। बजरंग के गुरु योगेश्वर दत्त ने 2014 के पिछले इंचियोन एशियन गेम्स में 65 किग्रावर्ग में स्वर्ण पदक जीता था और अब बजरंग ने योगेश्वर की उपलब्धि को दोहरा दिया। बजरंग ने फाइनल में आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और 70 सेकेंड में ही 6-0 की बढ़त बना ली।

ताकातानी ने वापसी की कोशिश करते हुए बार-बार बजरंग के पैरों पर अटैक किया और चार अंक लेकर पहले राउंड में स्कोर 6-4 कर दिया। दूसरे राउंड में ताकातानी ने स्कोर 6-6 से बराबर कर दिया। बजरंग ने जापानी पहलवान की रणनीति को भांपते हुए उन्हें अपने पैरों से दूर रखा और चार अंक लेकर स्कोर 10-6 कर दिया। इसी हमले में जापानी पहलवान को भी दो अंक मिले और स्कोर 10-8 हो गया। अंतिम 30 सेकेंड बचे थे और बजरंग को अपनी बढ़त बचानी थी। समय समाप्त होते ही भारतीय खेमा खुशी से उछल पड़ा जबकि जापानी खेमे ने विरोध दर्ज कराया लेकिन उसे एक अंक का नुकसान उठाना पड़ा। बजरंग ने 11-8 के स्कोर से स्वर्ण पदक जीत लिया। बजरंग ने इन खेलों के लिए रवाना होने से पहले कहा था कि उनके गुरु योगेश्वर ने देश को 28 साल बाद कुश्ती का स्वर्ण दिलाया था लेकिन वह देश को दोबारा लंबा इंतजार नहीं कराएंगे और बजरंग ने अपने इस वादे को पूरा कर दिखाया।

इससे पहले बजरंग ने प्री-क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान के खासानोव सिरोजिदिन को 13-3 से हराया। क्वार्टर फाइनल में भारतीय पहलवान ने ताजिकिस्तान के अब्दुलकासिम फेजिव को 12-2 से हराया। बजरंग की सेमीफाइनल में भिड़ंत मंगोलिया के बत्मगनई बाचुलुन से हुई। बजरंग ने पहला राउंड 8-0 से जीतने के बाद दूसरे राउंड में जैसे ही 2-0 की बढ़त बनाई और 10-0 के स्कोर पर तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मुकाबला समाप्त कर दिया।

बजरंग का स्वर्ण पदक के लिए जापान के दाइची ताकातानी से मुकाबला होगा। भारत के पांच फ्रीस्टाइल पहलवान पहले दिन 57, 65, 74, 86 और 97 किग्रावजन वर्ग में उतरे। भारत के लिए इन पहलवानों में सबसे बड़ी निराशा दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार का 74 किग्रामें क्वालीफिकेशन में हारना रहा। सुशील को क्वालीफिकेशन में बहरीन के एडम बातीरोव ने 5-3 से हराया।57 किग्रामें संदीप ने प्री-क्वार्टर फाइनल में तुर्कमेनिस्तान के रूस्तम नजारोव को 12-8 से पराजित किया। 86 किग्राभार वर्ग में पवन कुमार ने कंबोडिया के वूती हेंग को 8-0 से पराजित किया। लेकिन क्वार्टर फाइनल में उन्हें ईरान के हसन यजदान से 0-11 से हार का सामना करना पड़ा। 97 किग्राभार वर्ग में मौसम खत्री क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान के मगोमेद इब्रागिमोव के खिलाफ 0-8 से पराजित हो गए। 

rgautamlko@gmail.com

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