15 August, 2018

लखनऊ। उपचुनाव में सपा को मिली करारी हार के बाद अब प्रतीत होने लगा है कि आगामी 2017 में होने वाले  विधानसभा चुनाव में सपा की बुरी हालत होगी। सपा सरकार अपने कामों को लेकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। ऐसे में

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योगेश श्रीवास्तव लखनऊ। मोदी की अगुवाई में लोकसभा चुनाव में सर्वाधिक सीटे जीतने का रिकार्ड बनाने वाली भाजपा का यूपी में  हाल बेहाल है। सारे दल चुनाव २०१७ की तैयारियों में लग गए है। लेकिन भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व को यूपी के लिए कोई करिश्माई

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रोके नहीं रुक रहे है उत्पीडऩ की जघन्य घटनाएं योगेश श्रीवास्तव लखनऊ। सदन से लेकर सार्वजनिक मंचों तक महिला को लेकर किए जा रहे सरकार के दावों को न सिर्फ अपराधी झूठला रहे है। बल्कि ऐसी घटनाओं को राजधानी के अतिविशिष्टï क्षेत्रों में अंजाम देकर चाक

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खत्म हो चुका है पत्रकारिता के टे्रड यूनियनों का महत्व आज की पत्रकारिता पर बाजारीकरण का जाल हॉवी है। हर कोई अपने हिसाब से पत्रकारिता की परिभाषा गढ़ रहा है। अब इस पेशे में न तो सेवा शर्ते निर्धारित हैं और न ही भविष्य की कोई

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धरातल तक नहीं पहुंच रहा है सरकारी योजनाओं का लाभ राजेन्द्र के. गौतम लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भले ही उद्यामियों और निवेशकों को लुभाने के लिए भगीरथी प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उद्योग बंधु मुख्यमंत्री की उम्मीदों पर पानी फेरने पर लगा हुआ है। लगभग तीन साल

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प्रभाष श्रीवास्तव लखनऊ। लव, सैक्स और मनी के फेर में इस समय शीना बोरा हत्याकांड सुर्खियों में है। इस हत्याकांड में किसी सफेदपोश के बजाए कई रईसों के साथ स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी की पत्नी इंद्राणी मुखर्जी और उसके पहले पति संजीव

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त्रिनाथ के. शर्मा लखनऊ। जिस पर पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, अगर वहीं लूट-खसोट में लग जाए तो आज अंदाजा लगा सकते हैं कि प्रदेश में पर्यावरण का क्या हाल है। कोर्ट और एनजीटी के सख्त प्रावधानों को दरकिनार कर पर्यावरण विभाग बड़े-बड़े बिल्डरों और

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एनडीएस ब्यूरो लखनऊ। चुनावी साल में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बजट विकास की चाशनी में घोलकर पेश किया। बजट में नौजवानों,किसानों को खास तवज्जो दी गई है तो शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस किया। विधानसभा में शुक्रवार

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साक्षात्कार-रामवृक्ष सिंह 'सरोजेशÓ घटी है पत्रकारिता की विश्वसनीयता पहले सम्पादक विद्धान होते थे। आज एम.एल.सी बनने के लिए रसूखदार सम्पादक बनते हैं। ठेकेदार, प्रापर्टी डीलर, बिल्डर्स ,नेता और गाहे-बगाहे अपराधी प्रवृत्ति के लोग अखबार निकाल रहे हैं। हम अखबार मेहनत से तैयार करते थे। आज अखबार तैयार

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जोड़-तोड़ की अनोखी मिसाल है दोहरा चार्ज त्रिनाथ के. शर्मा लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धन और पद के लालच के चक्कर में उच्च सदन विधान परिषद की गरिमा को धूमिल किया जा रहा है। प्रशासनिक अराजकता का यह आलम है कि वित्त सेवा का एक अफसर विधान

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