22 October, 2018

दर्द अपनाता है पराए कौन कौन सुनता है और सुनाए कौन कौन दोहराए वो पुरानी बात गम अभी सोया है जगाए कौन वो जो अपने हैं क्या वो अपने हैं कौन दुख झेले आजमाए कौन अब सुकूँ है तो भूलने में है लेकिन उस शख्स को भुलाए कौन आज फिर दिल है कुछ

READ MORE

प्रभाष श्रीवास्तव लखनऊ। कभी अपने का मुलायम का हनुमान बताने वाले अमर सिंह की बढ़ती सक्रियता ने जहां सपा कुनबे के कई लोगों के मुंह का जायका खराब कर रखा है तो कुछ लोगों को उम्मीद जागी है अब तो पार्टी को जहां से भी

READ MORE

द महान अमेरिकी समाजविद, दु बोया (सन्दर्भ: 'द सोल ऑफ  ब्लैक फोक्सÓ) छ साल पहले बद्री नारायण द्वारा लिखी एक किताब आयी थी 'फेसिनेटिंग हिंदुत्व: सेफ्रन पॉलिटिक्स एण्ड दलित मोबिलायजेशनÓ (सेज 2009)। किताब का फोकस था दलित पहचान के गतिविज्ञान को उकेरना तथा जिसमें 'हिंदुत्ववादीÓ शक्तियों द्वारा

READ MORE

हम दलित साहित्यकारों को पुरस्कार मिलता ही नहीं है, वर्ना वापस करके हम भी विरोध जताते और चर्चित होते। उच्च जाति या सत्ता में पहुंच की वजह से सम्मान और अकादमियों में पद पाते हैं।  विश्वविद्यालयों में दलित साहित्यकारों को मानद उपाधि लायक नहीं समझा

READ MORE

प्रभाष श्रीवास्तव लखनऊ। खाकी से खादी ओढऩे वाले आईपीएस अफसरों के नाम में पूर्व डीजीपी ए. के. जैन का नाम भी शुमार हो जाएगा। खाकी उतारने के बाद डीजीपी से लेकर कांस्टेबिल तक खादी पहनकर जनसेवा करने का उतावलापन देखते बन रहे है। दिल्ली में देश

READ MORE

पहले दृष्टिïकोण के बजाए खबरों का महत्व दिया था, लेकिन आज दृष्टिïकोण के हिसाब से खबरों को महत्व दिया जाता है। शायद पत्रकारिता के काले अध्याय की शुरुआत, इसे माना जा सकता है। पत्रकारों की पूंजी खबरें होती है एक पत्रकार का कैरिअर जितना विश्वसनीय

READ MORE

राजेन्द्र के. गौतम लखनऊ। कृषि विभाग में उल्टी गंगा बह रही है। प्रमुख सचिव के कृषि आगे मंत्री बौने साबित हो रहे हैं। कृषि मंत्री द्वारा एक अफसर को कृषि निदेशक पद पर तैनात करवाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था, माना जा रहा था कि

READ MORE

त्रिनाथ के. शर्मा लखनऊ। आप में योग्यता हो या फिर न हो, लेकिन चापलूसी के गुण हैं तो निश्चित सफलता आपके चरणों को चूमेगी। बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम ताउम्र चमचों और चापलूसों से सावधान रहने की वकालत करते रहे, लेकिन उनकी नसीहत को बसपा भूल गई

READ MORE

मंदिर और माया की रणनीति होगी आत्मघाती! प्रभाष श्रीवास्तव लखनऊ। बिहार फतेह करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार और लालू यादव को फोकस कर जो कीचड़ उछाल चुनावी अभियान चलाया था, उससे सारी रणनीति धरी की धरी रह गई और बाजी मार ले गई

READ MORE

राजनेता बनने की हसरत में भाजपा का दामन थामेंगे ए.के. जैन प्रभाष श्रीवास्तव लखनऊ। खाकी से खादी ओढऩे वाले आईपीएस अफसरों के नाम में पूर्व डीजीपी ए.के. जैन का नाम भी शुमार हो जाएगा। खाकी उतारने के बाद डीजीपी से लेकर कांस्टेबिल तक खादी पहनकर जनसेवा करने

READ MORE