23 March, 2019

चीन ने जैश सरगना मसूद अजहर को चौथी बार बचाया

  • संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में ब्रिटेन, अमेरिका और फ्रांस के प्रस्ताव पर लगाया वीटो
  • दलील दी कि मसूद अजहर के खिलाफ जैश के साथ कनेक्शन के नहीं मिले सबूतभारत ने निराशा जताई, प्रस्ताव का समर्थन करने वालों का किया धन्यवाद

न्यूयार्क। जैश मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अज़हर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में चौथी बार चीन रोड़ा बन गया है। चीन ने मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल कर इस पर रोक लगा दी। इसके साथ ही ये प्रस्ताव रद्द हो गया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इस फैसले पर निराशा जताई है। साथ ही प्रस्ताव का समर्थन करने वालों का धन्यवाद किया है।सूत्रों के मुताबिक, चीन इस बात पर अड़ा रहा कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अजहर का आपस में कोई लिंक नहीं है। चीन की दलील है कि पहले भी मसूद के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। मिली जानकारी के मुताबिक भारत ने मसूद के खिलाफ सबूत के तौर पर वो टेप्स दिए हैं, जो मसूद और जैश के कनेक्शन को साबित करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को सौंपे गए डोजियर में भारत ने मसूद के खिलाफ अन्य सबूत भी दिए हैं।संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य चीन ने अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन के ज़रिए लाए जा रहे प्रस्ताव में अड़ंगा लगा दिया। इधर भारत ने अमेरिका, फ्रांस के साथ पुलवामा आतंकी हमले के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज़ शेयर किये हैं, ताकि मसूद के खिलाफ़ संयुक्त राष्ट्र में पुख्ता सबूत पेश किये जा सकें। भारत को अमेरिका का ज़बरदस्त साथ मिला है।चीन मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने में अड़ंगा लगाने के लिए कोई पैंतरा चल सकता है, इसकी आशंका पहले ही जाहरि की गई थी। कहा ये जा रहा है कि चीन ने मसूद के खिलाफ़ और सबूत मांगे हैं। पठानकोट आतंकी हमले के बाद से मसूद अज़हर के खिलाफ़ ये प्रस्ताव चौथी बार लाया गया है।पिछले सभी मामलों में चीन इस प्रस्ताव पर तकनीकी रोक लगा चुका है। इस बार बीसियों सबूत जुटाकर हिंदुस्तान ने यूएन से उसे ग्लोबल आतंकी घोषित करने की अपील की है, लेकिन चीन का कहना है कि पहले भारत के दावे की पड़ताल की जानी चाहिए। जिस मसूद अज़हर को आतंकवादी करार दिए जाने को लेकर यूएनओ में ये माथापच्ची का दौर चल रहा है।

rgautamlko@gmail.com

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