15 August, 2018

विवादित ‘मिस्टर क्लीन’ को मिली क्लीन चिट

एनडीएस ब्यूरो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव पर लगे घूस के आरोप की जिस तेजी से जांच हुई है और उतनी ही तेजी से मिली क्लीनचिट के बाद जहां आम जनता को हैरत में है वहीं विपक्षी और सत्तारूढ़ दल के नेता सरकार की कार्रवाई को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। इस प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव एस.पी. गोयल पर 25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाले युवक अभिषेक गुप्ता ने शुक्रवार को अपने बयान से पलटते हुए माफी मांग ली है। उसका कहना है कि वह मानसिक रूप से परेशान था इसलिए आरोप लगा दिया। फिलहाल वह चार पुलिसवालों की कड़ी निगरानी में है। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर देर शाम मुख्य सचिव ने मामले की रिपोर्ट उन्हें सौंप दी है। इस बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की है। इस पूरे प्रकरण को लेकर शुक्रवार को सत्ता के गलियारों में काफी हलचल रही। रिश्वत का आरोप लगाने वाले युवक अभिषेक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इसको लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अभिषेक के खिलाफ  भाजपा प्रदेश मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने बृहस्पतिवार की रात हजरतगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। श्री दीक्षित ने एफआईआर में कहा है कि अभिषेक ने अपने निजी स्वार्थ के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के नाम का बेजा इस्तेमाल किया। श्री दीक्षित ने पुलिस को दिये पत्र में लिखा था कि उन्हे मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला के जरिये अभिषेक की कारगुजारी का पता चलाए जिसके बाद उन्होंने उसके खिलाफ  सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराने का फैसला किया। पुलिस के मुताबिक हजरतगंज थाने में अभिषेक के खिलाफ  धारा 501 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया। बताते हैं कि देर शाम उसे छोड़ दिया गया। उसे सुरक्षा दे दी गयी है। उसके साथ चार पुलिसकर्मी रहेंगे। अभिषेक ने पुलिस को दिये गये अपने बयान में मानसिक रूप से परेशान होने व घबराहट में यह आरोप लगाने की बात कही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने बताया कि भाजपा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने एक तहरीर दी थी, जिसमें लिखा था कि अभिषेक भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई। पुलिस अभिषेक से पूछताछ कर रही है। अभिषेक गुप्ता ने राज्यपाल से शिकायत की थी कि पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक अधिकारी ने उससे 25 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। जिसे मना करने पर उसके प्रत्यावेदन पर निर्णय नहीं हो पाया। राज्यपाल ने मामले में समुचित कार्यवाही के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था। अभिषेक गुप्ता की गिरफ्तारी का मामला जैसे ही मीडिया की सुर्खियां बना तो उसके परिजन मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर पहुंचे गये और आरोपलगाया कि पुलिस अभिषेक को कहां ले गयी है, उन्हें पता नही है। उन्होंने गाजीपुर और हजरतगंज पुलिस से संपर्क किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि अभिषेक पर अनर्गल आरोप लगाये जा रहे हैं।

मुख्य सचिव ने सीएम को दी रिपोर्ट 

लखनऊ। प्रमुख सचिव एसपी गोयल पर 25 लाख की रिश्वत मांगने के मामले में मुख्य सचिव ने देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तयात्मक रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में कहा गया है कि परीक्षणोंपरान्त पाया गया कि रास्ते के रूप में दर्ज भूमि जो लखनऊ-हरदोई मार्ग पर स्थित है उसका विनिमय अभिषेक गुप्ता ने अपने गाटा संख्या 184 के पिछले भाग से किया जाना प्रस्तावित किया है। इस प्रकार ग्राम समाज की रास्ते की भूमि जो राजमार्ग पर स्थित थी को अपने गाटे की सड़क से पीछे की ओर दिये जाने से उसकी स्थिति, लोक उपयोगिता नहीं रह जाएगी। अंत: प्रस्तावित भूमि का विनिमय राजस्व संहिता की धारा 77 (3) के अनुसार लोक उपयोगी और उपयुक्त नहीं पाया गया।

अखिलेश और आई.पी. सिंह ने साधा गोयल पर निशाना

समाजवादी पार्टी के राष्टï्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि भ्रष्टïाचार मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है, अत: इस मामले की सीबीआई से जांच करवाई जाए। भाजपा के प्रवक्ता आई.पी. सिंह ने ट्वीट कर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस.पी. गोयल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया कि मुख्यमंत्री योगी की जनकल्याणकारी नीतियों को विफल करने वाले शख्स का नाम एस.पी. गोयल है, इस समय सीएम के प्रमुख सचिव हैं। वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक मायावती की हुकूमत में यह साहब 5 साल इसी पर पर थे, उस वक्त भयानक भ्रष्टïाचार में एनआरएचएम, दो सीएमओ हत्या और पूर्व कैबिनेट सचिव शशांक शेखर के साथ समूची कारस्तानी में गोयल का बड़ा रोल था। डीएम के निलम्बन की जरूरत क्यों हुई, शशांक शेखर के सहयोगी एस.पी. गोयल प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के रहते भ्रष्टïाचार में माया के 18 मंत्रियों को बर्खास्त करना पड़ा था, यदि इनका दामन पाक साप था तो बताए कि एनआरएचएम घोटाला कैसे हुआ, दो सीएमओ की हत्या का सबूत पंचमतल पर किसने नष्टï किए थे।

 

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