18 February, 2019

वाणिज्य कर विभाग : सीटीओ पद को लेकर घमासान

  • कर निर्धारण व प्रतिष्ठानों की जांच सीटीओ संवर्ग के अधिकारियों के जिम्मे
  • सीधी भर्ती के अधिकारियों के बीच बढ़ रहा अहम का टकराव

लखनऊ। वाणिज्य कर विभाग में सीटीओ संवर्ग के अधिकारियों का बुरा हाल है। खण्ड कार्यालयों में तैनात एक अधिकारी पर दो गुना काम का बोझ पड़ने से विभिन्न कार्यालयों में तैनात 250 अधिकारी तनाव ग्रस्त हो गए हैं। जीएसटी में पंजीयन सीमा 40 लाख होने के बाद भी इन अधिकारियों से काम लिया जा रहा है। इन हालात में सीटीओ संवर्ग ने कैडर के पुनगर्ठन का काम देख रही आईआईएम संस्था से मांग की है कि लोकसेवा आयोग के जरिए विभाग में आने वाले इन पदों को समाप्त कर दिया जाए। इस मांग का एक प्रमुख कारण यह भी है कि सीधी भर्ती के जरिए विभाग में आने वाले सीटीओ संवर्ग के अधिकारियों के व असिस्टेन्ट कमिश्नरों के बीच रिश्ते अच्छे हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि परीक्षा में आठ अंक कम मिलने वाले अधिकारियों को सीटीओ बनाया जाता है, जबकि अधिक नम्बर पाने वालेअसिस्टेन्ट कमिश्नर बनते हैं। कुछ नम्बरों का अन्तर सीधी भर्ती के जरिये आने वाले सीटीओ व असिस्टेन्ट कमिश्नरों के बीच खाई का काम कर रही है।

केन्द्र सरकार ने जीएसटी में पंजीयन लेने की सीमा बढ़ाकर 40 लाख कर दी है जबकि खण्डों में तैनात वाणिज्य कर अधिकारी 25 लाख तक के ही कारोबारियों का कर निर्धारण कर सकते हैं। इस तरह अब खण्ड कार्यालयों में सीटीओं संवर्ग के अधिकारियों की तैनाती ही बेमानी हो गयी है। मूल रूप से ये पद फील्ड का है यानी टैक्सचोरी पकड़ने के लिए जांच करना है, जबकि इसके इतर इन अधिकारियों से दो गुना काम लिया जा रहा है। वाणिज्य कर मुख्यालय प्रशासन ने अपने स्तर आदेश जारी करके सभी नए पंजीकृत व्यापारियों के प्रतिष्ठानों का भौतिक सत्यापन की भी जिम्मेदारी इन्ही अधिकारियों के ही कंधे पर डाल दी है, जिससे फर्जी फर्मो के जरिये टैक्स चोरी की सम्भावना को कम किया जा सके। वहीं सचल दल यूनिटों में जहां सीधी भर्ती के जरिये विभाग में आए सीटीओ व असिस्टेन्ट कमिश्नर एक साथ तैनात हैं वहां दोनों अधिकारियों के बीच अहम का टकराव हो रहा है। इन हालातों को देखते हुए सीटीओं संवर्ग के अधिकारियों ने फार्रमूला दिया है कि कैडर्र पुनर्गठन के बाद विभाग में सीधी भर्ती के जरिये आने वाले वाणिज्य कर अधिकारियो का पद समाप्त कर दिया जाए। इस पद को विभागीय प्रमोशन के जरिये भरा जाए, वहीं लोक सेवा की परीक्षा से पास होकर आए सीधी भर्ती के बचे हुए 250 सीटीओ संवर्ग के अधिकारियों को असिस्टेन्ट कमिश्नर बना दिया जाए।

rgautamlko@gmail.com

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