18 July, 2018

महंगी बिजली खरीदना बंद करें कम्पनियां : विद्युत नियामक आयोग

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लखनऊ। विद्युत नियामक आयोग का बड़ा फैसला सब्सिडी वास्तव में सरकार से कितनी चाहिये इसका भी दे ब्यौरा । टैरिफ प्रस्ताव स्वीकार होने के अधिकतम 120 दिन में जारी होगी नयी टैरिफ ग्रामीणों व किसानों की व्यापक वृद्धि पर आयोग नाराज कहा बताए इसका कारण प्रदेश की पांचों बिजली कम्पनियों द्वारा मल्टी ईयर टैरिफ(एमवाईटी) के तहत दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व बिजली दर प्रस्ताव वर्ष 2017-18 को सोमवार को उप्र विद्युत नियामक आयोग ने कारपोरेशन पर दर्जनों तीखे सवाल खड़े करते हुए को शर्तर्ो के साथ स्वीकार किया है।

21 जून 2017 को सभी बिजली कम्पनियों द्वारा लगभग 70 हजार 460 करोड़ का एआरआर नियामक आयोग में दाखिल किया गया था और 8 अगस्त को वर्ष 2017-18 का टैरिफ बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव दिया गया था। नियामक आयोग द्वारा एआरआर को स्वीकार करने के पहले उप्र राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद द्वारा उठाये गये समस्त बिन्दुओं को शामिल करते हुए बिजली कम्पनियों पर कड़ा दण्डा चलाया गया है। आयोग अध्यक्ष एसके अग्रवाल द्वारा जारी आदेश में बिजली कम्पनियों द्वारा दाखिल बिजली दर बढ़ोतरी प्रस्ताव को दर किनार कर दिया गया है।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि नियामक आयोग Companies, expensive electricity, UPERC, awadesh kumar verma, divyasandeshद्वारा आज एआरआर को स्वीकार करते हुए यह शर्त लगायी गयी है कि बिजली कम्पनियों द्वारा पहले उदय में 6.95 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की बात कही गयी फिर टैरिफ प्रस्ताव में 22.48 प्रतिशत औसत वृद्धि क्यों प्रस्तावित की गयी। नियामक आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं की दरों में 141 प्रतिशत वृद्धि व किसानों की 70 प्रतिशत वृद्धि विद्युत उपभोक्ताओं के लिये बड़ा झटका है जो टैरिफ शाक की श्रेणी में आता है। विद्युत उपभोक्ताओं की दरें वहन करने योग्य होनी चाहिये।

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि बिजली कम्पनियों द्वारा दाखिल बिजली दर वृद्धि प्रस्ताव को कम्पनियों के मन मुताबिक नहीं माना जाएगा। नियामक आयेग ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि केवल 5500 करोड़ की सब्सिडी क्या उचित है। बिजली कम्पनियां 10 दिन के अन्दर बिजली खरीद को इस प्रकार संशोधित करके लायें जिसमे सस्ती बिजली से उपभोक्ताओं को लाभ मिले। आयोग ने अपने फैसले में अप्रैल 2017 से सितम्बर 2017 की पूरी बिजली खरीद का भी ब्यौरा तलब किया है। 

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