23 March, 2019

छह माह से कम कार्यकाल वाले नहीं बनेंगे DGP

  • जिन पुलिस अधिकारियों का छह माह का सेवाकाल शेष हो, उनके नाम पर महानिदेशक पद के लिए हो विचार : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को पुलिस सुधार संबंधी अपने पिछले साल के आदेश में सुधार करते हुए स्पष्ट किया कि जिन अधिकारियों का सेवाकाल कम से कम छह महीने शेष हो, उनके नाम पर पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्ति के लिए विचार किया जा सकता है।प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग द्वारा पुलिस महानिदेशक पद के लिए सिफारिशें और नियुक्ति के लिए सूची तैयार करने का काम पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होना चाहिए। शीर्ष अदालत ने उप्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह के आवेदन पर यह स्पष्टीकरण दिया।

सिंह ने न्यायालय से अपने तीन जुलाई, 2018 के आदेश में सुधार का अनुरोध किया था। सिंह ने आरोप लगाया था कि जुलाई, 2018 के निर्देश में संघ लोक सेवा आयोग को सिर्फ उन आईपीएस अधिकारियों के नामों पर पुलिस महानिदेशक पद पर नियुक्ति के लिए विचार करने के लिए कहा था जिनका सेवाकाल दो साल बाकी हो। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकारें इस निर्देश का दुरुपयोग कर रही हैं और पुलिस महानिदेशक पद पर नियुक्ति के लिए सक्षम वरिष्ठ अधिकारियों को नजरअंदाज कर रही हैं।शीर्ष अदालत ने जुलाई में पुलिस सुधार के बारे में अनेक निर्देश दिए थे और पुलिस महानिदेशक जैसे उच्च पद पर नियुक्ति के मामले में पक्षपात और भाई भतीजावाद की संभावनाओं को खत्म करने के इरादे से न्यायालय ने किसी भी पुलिस अधिकारी को कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने से सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को रोक दिया था। न्यायालय ने केन्द्र के इस कथन का संज्ञान लिया था कि कुछ राज्यों ने सेवाकाल के अंतिम दिन अधिकारी को पुलिस महानिदेशक नियुक्त करने का तरीका अपना लिया है और इसकी वजह से ऐसा अधिकारी सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने के बाद भी दो साल के लिए सेवा में बना रहता है। शीर्ष अदालत ने संघ लोक सेवा आयोग को मेरिट और वरिष्ठता को प्राथमिकता देने के साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि पुलिस महानिदेशक पद के लिए सिर्फ उन्हीं आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाये जिनके पास कम से कम दो साल का सेवाकाल शेष है।

rgautamlko@gmail.com

Review overview
NO COMMENTS

POST A COMMENT