कंजेशन से सुस्त हुई डाटा स्पीड

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  • बीएसएनएल की तर्ज पर काम करने लगा जियो नेटवर्क

लखनऊ। मोबाइल सेवा क्षेत्र में तहलका बचाने वाली निजी संचार कम्पनी जियो कम्पनी बीएसएनएल की राह पर चल पड़ी है। जियो के नेटवर्क में इतना अधिक कंजेशन हो गया है कि उपभोक्ताओं को फोर जी डाटा सेवाओं की स्पीड के बजाय री जी की भी स्पीड नहीं मिल पा रही है। डाटा की स्पीड धीमी होने से जियो उपभोक्ताओं का कम्पनी से मोहभंग हो रहा है। संचार कम्पनी की सेवाओं से नाराज उपभोक्ता नम्बर को पोर्ट करके जियो का नेटवर्क छोड़कर अन्य कम्पनियों के नेटवर्क में पलायन करने लगे हैं। फ्री कालिंग व फ्री डाटा सेवाएं देकर जियो कम्पनी ने दूरसंचार क्षेत्र में तहलका मचा दिया था। जियो की रणनीति से बीएसएनएल सहित सभी संचार कम्पनियों की हालत खराब हो गयी। कई संचार कम्पनियों को दूरसंचार क्षेत्र से अपना बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ा। प्रतिष्पर्धा में टिके रहने के लिए एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन जैसी बड़ी कम्पनियों को भी मिलकर साथ आना पड़ा।

लांचिंग के समय बेहतरीन नेटवर्क व तीव्र गति की डाटा सेवाओं के कारण मोबाइल उपभोक्ताओं ने जियो कम्पनी को हाथों-हाथ लिया। सभी संचार कम्पनियों के उपभोक्ता अपना-अपना नम्बर पोर्ट कराकर जियो नेटवर्क से जुड़ने लगे। एक वर्ष तक तो जियो के डाटा नेटवर्क पर अच्छी स्पीड मिली लेकिन इसके बाद स्पीड में गिरावट आनी शुरू हो गयी। इसका कारण यह बताया जा रहा है कि तेज स्पीड की डाटा सेवाओं के कारण अधिक संख्या में उपभोक्ता जियो नेटवर्क से जुड़ गये लेकिन उस अनुपात में जियो ने नेटवर्क का विस्तार नहीं किया। इससे कंजेशन की समस्या शुरू हो गयी। मौजदा समय में जियो नेटवर्क की डाटा स्पीड इतनी कम हो गयी है कि इसे फोर जी नेटवर्क कहना ही हास्यस्पद होगा। राजधानी में ही कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर नेटवर्क कंजेशन के कारण दो से तीन एमबीपीएस की भी स्पीड नहीं मिल पा रही है। नेटवर्क स्पीड कम होने की कस्टमर केयर पर शिकायत करने पर नेटवर्क सही करना का भरोसा दिया जाता है लेकिन इस शिकायत को दूर किये बिना ही निस्तारित कर दिया जाता है। कंजेशन अधिक होने से दूसरी संचार कम्पनियों का नेटवर्क छोड़कर जियों में आये उपभोक्ता परेशान हैं। शिकायत के बाद भी समस्या दूर न होने पर मोबाइल उपभोक्ता जियो कम्पनी के नेटवर्क छोड़कर फिर से दूसरी कम्पनियों के नेटवर्क से जड़ रहे हैं।