16 December, 2018

‘खेल’ से खड़ा हुआ कमाई का साम्राज्य

एम. एम. सरोज
लखनऊ। जिस तरह दुनिया में सबसे अधिक ऊंची और वैभवशाली इमारतों के लिए बुर्ज खलीफा विख्यात है ठीक उसी तरह से यूपी के खलीफा का तमगा पाए खेल निदेशक अपने अनियमित कार्य संस्कृति के जरिए अकूत करोड़ों की चल-अचल सम्पत्ति को खड़ी की है। खेल निदेशक के तमाम घपलों और अनियमिताओं पर अपर मुख्य सचिव खेल सूरदास बन गए हैं। इससे उनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
बताते चले कि यूपी में योगी सरकार बनते ही पिछले साल खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह की अनियमितताओं को लेकर शासन में कई शिकायतें हुईं। शिकायतकर्ताओं को आशा थी कि खेल विभाग में चल रहे भ्रष्टïाचार पर रोक लगने के साथ ही जांच भी होगी। लेकिन एक साल बीत जाने के बावजूद खेल निदेशक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर शिकायत करने वाले खेल विभाग के कुछ अफसर जरूर खेल निदेशक की रडार पर आ गए। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही के साथ ही ट्रांसफर ऐसी जगह करवा दिया है, जहां मूलभूत सुविधाएं तक नहीं हैं। कुछ अफसर खेल निदेशक की मनमानी को लेकर छुट्टïी पर चले गए हैं।
खेल विभाग के सूत्रों का कहना है कि खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह ने अवैध तरीके से करोड़ों की चल-अचल सम्पत्ति खड़ी की है। इंदिरा नगर के लक्ष्मनपुरी में दो बड़े मकान, गोमती नगर के विशेष खण्ड तीन में 114 नम्बर की विशाल हवेली, गोरखपुर में 40 बीघे का फार्म हाउस, नोएडा में आवासीय और कार्मिशयल प्लॉट है। शेयर मार्केट में भी भारी भरकम धनराशि निर्देश किए जाने की चर्चाएं हैं। इसके साथ ही खेल विभाग की कई गाडिय़ां प्रतिदिन परिवार के सदस्यों के उपयोग में आ रही हैं।
खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह ने कहा कि उनके विरोधी तमाम तरह के आरोप लगा रहे हैं। जो भी चल-अचल सम्पत्ति है, उसका विवरण शासन को दिया गया है। श्री सिंह ने कहा कि बाराबंकी में अगर कोई ऐसा शिलालेख लगा है जिसमें उन्हें ओलम्पियन दर्शाया गया है, उसे हटवा दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव खेल मोहम्मद इफ्तेखारूद्दीन ने कहा कि खेल निदेशक के खिलाफ जो भी शिकायतें आई हैं, उन पर कार्रवाई की जा रही है।
छलावा है डा. राम प्रकाश सिंह का ओलम्पिक खेलने का दावा
खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह की अनियमित कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष उदाहरण बाराबंकी के बाबू के.डी. सिंह में जिला योजना के तहत हुए मरम्मत कार्य के लोकार्पण के तहत लगाए गए शिला लेख में खेल निदेशक को ओलम्पियन बताया गया है। जबकि खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह कभी भी ओलम्पिक नहीं खेले हैं। पूर्व ओलम्पियन सैय्यद अली ने कहा कि खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह ने कभी ओलम्पिक नहीं खेला है। खेल विभाग की वेबसाइट पर पूरा उल्लेख है किस खिलाड़ी ने कब-कब ओलम्पिक खेला है। इसके बावजूद अगर दावा कर रहे हैं तो अंदाजा लगा सकते हैं कि खेल निदेशक का व्यक्तित्व कैसा है। उन्होंने योगी सरकार ने मांग किया ऐसे 420 खेल निदेशक की जांच करके सेवा से बर्खास्त किया जाए। जिससे देश और प्रदेश का नाम धूमिल न हो।

 

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