11 December, 2018

कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उ.प्र.

कर्मचारी

लखनऊ। कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उ.प्र. की हड़ताल की नोटिस के बाद बनी पुरानी पेंशन बहाली समिति की चैथी वार्ता आंशिक रूप से सफल मानी जा रही है। आज की बैठक में पुरानी पंेंशन बहाली मंच के पदाधिकारी अपनी मांग पर अड़िग रहे और उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पुरानी पेंशन के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर कोई वार्ता नही की जाएगी। इस बैठक में समिति में तय केन्द्रीय प्रतिनिधि के नामित अधिकारी के लिए केन्द्र की सहमति मिलने तथा पुरानी पेंशन के मामले में आम राज्य कर्मचारी और शिक्षक को अपनी राय रखने के लिए ईमेल आईडी जारी करने का निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव कार्मिक मुकुल सिंघल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में सांख्यकीय परिसंघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, सचिवालय संघ, स्टेनोग्राफर महासंघ, डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ ने कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उ.प्र. द्वारा पुरानी पेंशन पर रखें प्रस्ताव पर अपनी पूर्ण सहमति की गई। इस दौरान कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उ.प्र के नेताओं ने पुरानी पेंशन बहाली पर सुस्पष्ट आदेश जारी न करने पर हड़ताल और चुनाव कार्य बहिष्कार का अपना विकल्प खुला रखा।

मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने आज बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों, शिक्षकों व अधिकारियों को पहली अप्रैल 2005 के बाद से सेवा में आने पर नई अंशदायी पेंशन योजना को जबरदस्ती थोपे जाने पर प्रदेशव्यापी वृहद आन्दोलन तथा आठ अक्टूबर 2018 को इको पार्क लखनऊ में कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उ.प्र.की महारैली के दबाव में मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश द्वारा पुरानी पंेंशन बहाली हेतु एक उच्चाधिकार समिति गठन किया गया है। इस समिति को दो माह के अन्दर पुरानी पेंशन पर विचार कर स्पष्ट संस्तुति देनी है। इसी क्रम में 3 दिसम्बर 18 को अपर मुख्य सचिव कार्मिकी अध्यक्षता में में समिति की चैथी बैठक मुख्य रूप से सांख्यकीय परिसंघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ, सचिवालय संघ, उत्तर प्रदेश स्टेनोंग्राफर महासंघ, उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के प्रतिनिधियों ने कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उ.प्र. के पदाधिकारियों डा. दिनेशचंद शर्मा और हरिकिशोर तिवारी द्वारा प्रस्तुत तथ्यों पर सहमति देते हुंए नई पेंशन व्यवस्था के संशोधन की जगह पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली पर ही जोर दिया।

बैठक की अध्यक्षता करते हुंए अपर मुख्य सचिव कार्मिक द्वारा अवगत कराया गया कि एफआरडीए (पेंशन फण्ड रेगुलेटरी एण्ड डेवलप्मेन्ट अथारिटी) से अपना प्रतिनिधि भेजने सम्बंधी उत्तर प्रदेश सरकार के अनुंरोध को स्वीकार करते हुए विशेष आमंत्रित प्रतिनिधि के रूप में भेजने की लिखित सहमति मिल गई है। समिति ने इसका स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की है कि अब समिति द्वारा पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली पर सार्थक रूप से विचार किया जाएगा। समिति के सदस्य व मंच के सयोजक हरिकशोर तिवारी द्वारा समिति से यह आग्रह किया गया कि समिति को इधर उधर ध्यान भटकाने की जगह वास्तविक मुद्दे पर पुुरानी पेंशन बहाली के लिए आवश्यक कार्यवाही करनी चाहिए। क्योकि आगामी लोकसभा में पुरानी पेंशन राष्ट्रव्यापी मुद्दा बनने जा रहा है। प्रदेश के लाखों कर्मचाराी, शिक्षक आधिकारियों के लिए यह बूढ़ापे से जुड़ा अहम सवाल है। इसलिए सरकार इस अहम मुद्दें को हल्के में नही ले सकती। इसका असर लोकसभा निर्वाचन में भी दिखाई पड़ेगा।

rgautamlko@gmail.com

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