18 July, 2018

जैविक कृषि विश्व कुम्भ में जुटेंगे दुनिया के किसान-वैज्ञानिक

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  • नोएडा में 9 से 11 नवम्बर तक होगा जैविक कृषि विश्व कुम्भ 
  • 110 देशों के 1400 और 2000 भारतीय प्रतिनिधि होंगे शामिल
  • देशी बीजों और जैविक कृषि की विभिन्न पद्धतियों की लगेगी प्रदर्शनी 

लखनऊ। जैविक खेती के प्रोत्साहन और उसके लिए नीतियां बनाने को आयोजित होने वाला, जैविक कृषि विश्व कुम्भ आगामी 9 से 11 नवम्बर तक ग्रेटर नोएडा में होगा और कृषि मंत्रालय इसकी मेजबानी करेगा। यह जानकारी एक होटल में आयोजित पत्रकारों से वार्ता करते हुए ओएफआई के निदेशक क्लॉड अल्वारेस ने दी। उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य जैविक भारत से जैविक विश्व की ओर बढ़ना है। उन्होंने बताया कि इस जैविक कृषि विश्व महाकुम्भ में भारतीय प्रतिनिधियों के साथ दुनिया के 110 देशों के लगभग 1400 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

जैविक कृषि कुम्भ का आयोजन आईफोम (इंटरनेशल फेडरेशन ऑफ आग्रेनिक फामिर्ंग मूवमेंट्स ) और ओएफआई ( आग्रेनिक फामिर्ंग असोसिएसन ऑफ इंडिया) मिलकर कर रहा है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए ओएफआई के निदेशक क्लॉड अल्वारेस ने बताया कि जैविक कृषि विश्व कुम्भ का आयोजन तीन वर्ष में एक बार दुनिया के किसी देश में होता है। इस बार यह आयोजन भारत में हो रहा है और पिछला कुम्भ, इस्ताम्बुल में 2014 में हुआ था। उन्होंने बताया कि इस्ताम्बुल में रूस, चीन और ब्राजील जैसे ताकतवर देशों को पछाड़ कर भारत ने मेजबानी प्राप्त की है। उन्होंने बताया कि जैविक कृषि कुम्भ का आयोजन पूरी तरह से जैविक है।

तीन दिवसीय आयोजन के दौरान पूरा परिसर प्लास्टिक मुक्त रहेगा और आने वाले प्रतिभागियों को मोटे जैविक अनाजों से बना भोजन मिट्टी के बर्तनों और पत्तलों में दिया जाएगा। आयोजन के दौरान देशी जैविक बीजों और जैविक कृषि की विभिन्न पद्धतियों की प्रदर्शनी भी लगायी जाएगी। क्लाड अल्वारेस ने कहा कि 19 वें जैविक कृषि विश्व कुम्भ के माध्यम से देश ही नहीं दुनियां में एक ऐसी कृषि संस्कृति को विकसित और प्रोत्साहित करना है, जिसमें जल,जंगल और जमीन को किसी भी प्रकार की क्षति न हो।

rgautamlko@gmail.com

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