23 March, 2019

फ्लाप होगा सपा-बसपा गठबंधन : के.के. गौतम

एनडीएस ब्यूरो

लखनऊ। बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम की बहुजन नीतियों को नकारने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती आगामी लोकसभा चुनाव में सपा से गठबंधन करने के बावजूद फ्लाप होगी। जहां पैसे वालों को टिकट में वरीयता देने से जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता और बहुजन समर्थक काफी आहत हैं वहीं बहुजन उत्थान पार्टी (जी) तेजी से बसपा विकल्प बनकर उभर रही है। यह बातें बहुजन उत्थान पार्टी (जी) के राष्टï्रीय अध्यक्ष कमलाकांत गौतम ने एक विशेष बातचीत में निष्पक्ष दिव्य संदेश से कहीं।

उन्होंने कहा कि बहुजन उत्थान पार्टी (जी) के गठन के बाद से यूपी समेत कई राज्यों का व्यापक दौरा किया। दौरे में बहुजन मिशन से जुड़े तमाम गणमान्य व्यक्तियों और आम जनता से रूबरू होने का मौका मिला। इस दौरान बहुजन समाज के कई जागरूक लोगों ने उनका ध्यान कुछ खामियों की ओर दिलाया। बीते दो दशक से ज्यादा समय से बहुजन समाज बसपा के प्रति काफी झुकाव रखा था। मान्यवर कांशीराम के बाद से बहुजन मिशन को काफी झटका लगा है। बहनजी बातें तो गरीब गुरबों की करती हैं। लेकिन चुनाव लडऩे का मौका सिर्फ और सिर्फ धन्ना सेठों को देती हैं। मान्यवर कांशीराम जी के समय यह व्यवस्था नहीं थी। उस समय ऐसे-ऐसे लोगों को टिकट दिया गया था, जिनके पास दो वक्त खाने की रोटी नहीं थी। वे माननीय बन गए हैं। 2007 के बाद से बसपा ने ऐसे किसी भी गरीब-गुरबों को टिकट नहीं दिया। चर्चा है कि अब टिकट के पार्टी फंड में करोड़ों रुपए जमा करवाए जा रहे हैं। यही हाल सुरक्षित सीटों का है। सपा-बसपा के गठबंधन पर बोलते हुए कहा कि इस गठबंधन से सबसे अधिक फायदा भाजपा को होने वाला है। त्रिकोणीय मुकाबले में भाजपा ज्यादा सीटें जीत सकती है।

बहुजन उत्थान पार्टी (जी) को चुनाव चिंह आवंटित

केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने बहुजन उत्थान पार्टी (जी) को  उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लिए मिक्सी और महाराष्टï्र के लिए टेलीफोन चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। यह जानकारी बहुजन उत्थान पार्टी (जी) के राष्टï्रीय अध्यक्ष कमलाकांत गौतम ने एक जारी प्रेस विज्ञाप्ति में दी। उन्होंने कहा कि नवगठित बहुजन उत्थान पार्टी (जी) कई राज्यों में लोकसभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। पार्टी का फिलहाल यूपी, दिल्ली और महाराष्टï्र पर विशेष फोकस  है। प्रत्याशियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मालूम हो कि बहुजन उत्थान पार्टी (जी) के राष्टï्रीय अध्यक्ष कमलाकांत गौतम बसपा के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। बसपा सुप्रीमो मायावती की दलित विरोधी गतिविधियों के कारण पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी अलग पार्टी बना ली है। पार्टी दम,खम के साथ आगामी लोकसभा चुनाव को लडऩे की तैयारी में है।

 

rgautamlko@gmail.com

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