23 March, 2019

गिले-शिकवे भुला गठबंधन प्रत्याशियों को जिताने में जुटें

  • डा. आम्बेडकर व कांशीराम जयंती घर पर ही मनायें

लखनऊ। बसपा अध्यक्ष मायावती ने लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू होने के मद्देनजर पार्टीजनों को इस बार बसपा संस्थापक कांशीराम का जन्मदिन और डा. भीमराव आम्बेडकर की जयंती को घर में ही मनाने का निर्देश दिया है। मायावती ने बृहस्पतिवार को इस सम्बंध में यहां पार्टी मुख्यालय में हुई जोनल, मण्डल कोआर्डिनेटरों, लोकसभा चुनाव प्रभारियों तथा अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बामसेफ, डीएस-4 और बसपा संस्थापक कांशीराम का 15 मार्च को जन्मदिन है। अगले महीने 14 अप्रैल को डा. आम्बेडकर की भी जयंती है। बसपा प्रमुख ने पार्टी के जिम्मेदार नेताओं को हिदायत दी कि वे सभी जिलों में कार्यकर्ताओं को बता दें कि इस बार लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू है। ऐसे में पार्टी संस्थापक कांशीराम और डा. आम्बेडकर की जयंती के कार्यक्रमों को कार्यकर्ता अपने घर में ही मनायें, ताकि आचार संहिता का उल्लंघन न हो सके।

अखिलेश-मायावती नवरात्रि में शुरू करेंगे संयुक्त रैली

लोस चुनाव में भाजपा को सत्ताच्युत करने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा अध्यक्ष मायावती संयुक्त रैलियां कर प्रत्याशियों के प्रति वोटरों को एकजुट करने की कोशिश करेंगे। इन रैलियों की शुरूआत पश्चिमी उप्र से नवरात्र में होगी। दोनों नेता अपनी पहली रैली 7 अप्रैल को सहारनपुर जिले के देवबंद में करेंगे। इस रैली में रालोद प्रमुख चौ. अजित सिंह भी शामिल होंगे।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा सपा-बसपा नेताओं की संयुक्त रैलियां चरणबद्ध तरीके से प्रदेश की सभी 80 सीटों के मद्देनजर होंगी। एक जिले में एक रैली संभव है। रैलियों में गठबंधन में शामिल सपा, बसपा और रालोद के नेता शामिल होंगे। संयुक्त चुनावी रैलियां करने का फैसला बुधवार की शाम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बसपा प्रमुख मायावती के साथ उनके आवास पर हुई बैठक में लिया गया। चूंकि पहले चरण में पश्चिमी यूपी से ही लोकसभा चुनाव के मतदान की शुरू होनी है। इसमें सहारनपुर सीट बसपा के खाते में है। यहां भाजपा के साथ ही कांग्रेस से भी गठबंधन का मुकाबला होगा। शायद यही वजह रही कि अखिलेश यादव और मायावती ने सहारनपुर लोकसभा क्षेत्र की देवबंद में पहली संयुक्त रैली करने का निर्णय लिया है। देवबंद में रैली करने के पीछे की वजह भी दिखती है क्योंकि यह क्षेत्र मुख्य रूप मुस्लिम आबादी वाला है। फिर सहारनपुर सीट में दलितों की भी संख्या काफी है। ऐसे में गठबंधन के नेता मुस्लिम, दलित और जाटों के मजबूत वोट बैंक होने का संदेश देना चाहते हैं। जानकारों का कहना है देवबंद के बाद अखिलेश, मायावती और चौ. अजित सिंह की गाजियाबाद-नोएडा, मुजफ्फरनगर-कैराना, बागपत आदि क्षेत्रों में भी संयुक्त रैलियां करेंगे। इन रैलियों का कार्यक्रम चुनाव के चरणों के हिसाब से तय होंगी।

  • देवबंद से होगी सपा बसपा की पहली जनसभा
  • बसपा कोआर्डिनेटरों व प्रभारियों की बैठक में बसपा प्रमुख का निर्देश
  • अब एक-दो दिन में जारी होगी पार्टी प्रत्याशियों की सूची

बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टीजनों को निर्देश दिया है कि वे आपसी गिले-शिकवे और मनमुटाव भुलाकर पूरी ताकत से अहंकारी व जातिवादी भाजपा को पराजित करने को बूथ स्तर पर गठबंधन की तीनों पार्टियों (सपा, बसपा व रालोद) के प्रत्याशियों को जिताने में जुटें।मायावती ने बृहस्पतिवार को यहां पार्टी मुख्यालय में जोनल, मण्डल और जिला कोआर्डिनेटरों के साथ ही लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अभी तक बनाये गये प्रभारियों की बैठक बुलायी थी। उन्होंने बैठक में संगठन के साथ ही राजनीतिक और चुनावी मुद्दों पर गहन विचार मंथन किया। सूत्रों के मुताबिक बैठक में मायावती ने गठबंधन में मिलीं 38 सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों के नामों पर संगठन के जिम्मेदार नेताओं से बातचीत कर उनका फीडबैक लिया मगर उन्होंने प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की। समझा जा रहा है कि बसपा अध्यक्ष अब एक-दो दिन में अपने प्रत्याशियों की घोषणा करेंगी। जानकारों के मुताबिक बैठक में मायावती ने भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर के मुद्दे पर भी र्चचा की। उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के चन्द्रशेखर से मुलाकात करने के बाद चुनाव पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी फीडबैक लिया। भीम आर्मी का सहारनपुर इलाके में दलित युवकों में खासा प्रभाव माना जाता है। मायावती पहले भी चन्द्रशेखर का बसपा और खुद से कोई भी सम्बंध नहीं होने की बात सार्वजनिक तौर पर कह चुकी हैं मगर अब जब लोकसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो ऐसे में कांग्रेस खेमे का चन्द्रशेखर से जुड़ना उनको रास नहीं आया है। इससे वह नाराज हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने कांग्रेस के लिए छोड़ी रायबरेली और अमेठी सीट पर भी मजबूत प्रत्याशी उतारने का फैसला लिया है। इस बारे में बृहस्पतिवार की बैठक में मायावती ने पार्टीजनों से दोनों सीटों की स्थिति का आकलन भी किया। बुधवार को मायावती सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी इस मुद्दे पर बात कर चुकी हैं। बैठक में मायावती ने पार्टीजनों को बूथ स्तर तक चुनाव आचार संहिता का पूर्ण पालन करने का निर्देश दिया, साथ ही कहा कि सभी लोग सपा के लोगों के साथ समन्वय बनाकर चुनाव में कार्य करें। मायावती ने चुनाव के लिहाज से बैठक में पहले से बनाये गये जोनल और मण्डल कोआर्डिनेटरों के सहयोग के लिए कुछ अन्य साथियों को भी जोड़ा है।

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