21 April, 2018

गुरू तो गुरू अब चेले दिखा रहे हैं हाथ की सफाई

लखनऊ। गुरू तो गुरू अब चेले भी कृषि निदेशक की कमाओ-खाओ कार्यशैली पर अमल करने लगे हैं। प्रदेश में कृषि योजनाओं की प्रचार-प्रसार के लिए वॉल राइटिंग और होडिंग्स के कार्य में करोड़ों का खेल प्रकाश में आया है। कम दरों वाली फर्म के टेण्डर को निरस्त करके अधिक दरों वाली फर्म से वॉल राइटिंग और होडिंग्स लगवा कर विभाग को करोड़ों रुपए का चूना लगवाया है। इस प्रकरण में कृषि निदेशक ने जांच करवाए जाने का निर्देश दिया लेकिन अनियिमतताओं के आरोपी अधीनस्थ अफसरों ने चुप्पी साध ली है।
उल्लेखनीय है कि  सूबे में योगी सरकार बनने के बाद भी कृषि विभाग के कुछ अफसर मलाई चाटने के कल्चर से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। योगी सरकार की भ्रष्टïाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को डॉज देने के लिए कृषि विभाग के अफसरों ने  अजब-गजब फार्मूला निकाला है। कृषि विभाग में विभिन्न काम कर रही संस्थाओं और फर्मों से गुप्त समझौता करके नियमों को ताक पर रखकर टेण्डर प्रक्रिया करने के जरिए काम करने के बजाए अनुबंध समय बढ़ाने का खेल किया जा रहा है।
इस खेल के तहत कृषि के विकास में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग की योजना के अंर्तगत सेवा प्रदाता के अनुबंध को बढ़ाया गया है। अनुबंध समाप्त होने के बावजूद सीए फर्म अग्रवाल भार्गव एंड एसोसियेटस को तीन माह की समय सीमा बढ़ाई गई। समय सीमा बढ़ाने के खेल में कृषि निदेशालय से लेकर शासन के आला अफसरों तक की मिलीभगत है। इसी वजह से सीए फर्म का अनुबंध बढ़ाया गया है। कृषि विभाग के सूत्रों का कहना है कि कृषि निदेशक सोराज सिंह ने संयुक्त कृषि निदेशक ब्यूरो का चार्ज अपने करीबी आनंद त्रिपाठी को दिलवाया है। संयुक्त कृषि निदेशक ब्यूरो आनंद त्रिपाठी के कारनामें कृषि मंत्री से लेकर शासन के आला अफसर भली-भांति जानते हैं। शासन और कृषि निदेशक के संरक्षण के चलते संयुक्त कृषि निदेशक ब्यूरो ने अपनी हाथ की सफाई दिखाने लगे हुए हैं।
वॉल राइटिंग और होडिंग्स के कार्य के लिए टेण्डर प्रक्रिया हुई। जिसमें वॉल राइटिंग के लिए सबसे कम दर 0.43 पैसा वर्ग फिट और होर्डिंग्स के लिए 98.50 प्रति वर्ग फिट की दरें आई। इन दरों वालों फर्मों का टेण्डर निरस्त करके पुरानी फर्म से वाल राइटिंग के लिए 139.35 पैसा और होर्डिंग्स के लिए 117 रुपए प्रति वर्ग फिट से कार्य करवाए गए हैं। वॉल राइटिंग और होर्डिंग्स के कार्य से कृषि विभाग को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर अपनी जेबें भरी हैं। इस खेल को संयुक्त कृषि निदेशक ब्यूरो आनंद त्रिपाठी और पूर्व अपर कृषि निदेशक प्रसार मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी ने अंजाम दिया है। इस बाबत दोनों अफसरों ने चुप्पी साध ली है। कृषि निदेशक सोराज सिंह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन जांच करवा कर कार्रवाई की जाएगी।

rgautamlko@gmail.com

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