20 April, 2018

सीबीआई को आरटीआई के दायरे से बाहर रखने पर 6 फरवरी को सुनवाई

CBI, RTI, India

नई दिल्ली। सीबीआई को सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के दायरे से बाहर रखने के केंद्र के 2011 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 6 फरवरी को अंतिम सुनवाई करेगा। याचिका बीजेपी नेता और वकील अशोक अग्रवाल ने दायर की है। अग्रवाल ने 2014 में रायबरेली लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था।

यह याचिका 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट में दायर किया गया था, लेकिन बाद में इसे सुप्रीम कोर्ट भेज दिया गया। उस समय तत्कालीन यूपीए सरकार ने कहा था कि देशभर के कई हाईकोर्ट्स में याचिकाएं दायर की गई हैं। उसके बाद याचिका सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई 2011 में सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया था, क्योंकि याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि सीबीआई को आरटीआई के दायरे से बाहर इसलिए रखा गया क्योंकि उन्होंने राजनीतिक तौर पर संवेदनशील बोफोर्स कमीशनखोरी मामले से जुड़े दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट को बताया था कि सीबीआई को आरटीआई के तहत मिली छूट पूरी तरह से मिली छूट नहीं है| इसमें न्यायिक दखल की जरूरत नहीं है।

अपनी याचिका में अग्रवाल ने कहा है कि पिछली यूपीए सरकार के फैसले का मकसद बोफोर्स घोटाले में मुख्य आरोपी ओत्तावियो क्वात्रोच्ची को बचाना था। कई साल से बोफोर्स कमीशनखोरी मामले को देख रहे अग्रवाल ने नौ जून 2011 की अधिसूचना रद्द करने की मांग करते हुए कहा है कि अधिसूचना जारी करके और सीबीआई को दूसरी अनुसूची में डालने से ऐसा लगता है कि सरकार कानून की मंजूरी के बगैर सीबीआई के लिए पूरी तरह गोपनीयता का दावा कर रही है।

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