11 December, 2018

दूसरे दिन भी जारी रहा डाक सेवकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

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ललितपुर। विभिन्न समस्याओं को लेकर डाक सेवकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल गुरूवार को दूसरे भी अनवरत रूप से जारी रही। इस दौरान डाक सेवकों ने अपनी समस्याओं को उठाते हुये केन्द्र व प्रदेश शासन से ग्रामीण अंचलों के डाकघरों को पूरे अधिकार दिये जाने एवं कम से कम आठ घण्टे तक खोले जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ अध्यक्ष दशरथ अहिरवार ने कहा कि ग्रामीण शाखा डाकघरों को पर्याप्त अधिकार न होने से देश का सबसे गरीब मजदूर, किसान शहरों के बैंकों की ओर भागने को विवश होता है।

यदि सरकार या डाकघर विभाग चाहे तो ग्रामीण जनता को वित्तीय कार्य के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। यह कैसी विचित्रता है कि जहां सिर्फ अर्थात ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय लेनदेन का एक माध्यम डाकघर है तब भी डाक विभाग द्वारा उन्हें सिर्फ तीन घण्टे खोलने की बात की जाती है। क्या यह देश की ग्रामीण जनता के साथ भद्दा मजाक नहीं है ? उस पर भी ग्रामीण डाकपाल (पोस्ट मास्टर) पर बहुत सी बंदिशें लगी होती है। शहरों में तो बैंक है, पर

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए यह डाकघर। क्या ग्रामीण जनता वित्तीय लेनदेन के एक मात्र साधन डाकघर की सेवाओं से भी वंचित रहना चाहिए ? उन्होंने सरकार से डाकघर को ग्रामीण अंचलों में भी 8 घण्टे खोले जाने की मांग उठायी। इस दौरान शिरोमणि सिंह, जगभान दाऊ, आशीष राजौरिया, पूरन सेन, विवेक रावत, मानसिंह, संतोष दुबे, अरूण यादव, वनवारी दाऊ, वीरेन्द्र सिंह बुन्देला, ओमप्रकाश, कमलेश, हरप्रसाद, लाड़ले, राजेश बानपुर, संदीप सोनी आदि मौजूद रहे।

rgautamlko@gmail.com

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