22 January, 2019

भारतीय संस्कृति की अमिट छाप में रचा-बसा है थाईलैंड

  • थाईलैंड (फुकेट) से लौटकर

राजेन्द्र के. गौतम की रिपोर्ट

लखनऊ। थाईलैंड (फुकेट) की यात्रा से तमाम भ्रांतियों और अवधारणाएं टूटी। प्लेन लैंडिग के दौरान अंडमान समुद्र से घिरे फुकेट शहर का मनोहारी और सुरम्य दृश्य किसी का भी मन मोह लेता है। थाईलैंड पर भारतीय संस्कृति की गहरी छाप है। तमाम देवी-देवताओं के मंदिर और भगवान बुद्घ की विरासत थाईलैंड में देखी जा सकती है। अतिथि देवो भयो के संस्कार से रचे-बसे हैं थाई नागरिक। इन सब खूबियों की वजह से विश्व के अधिकतर नागरिकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बिन्दु बना हुआ है।

उल्लेखनीय है कि फुकेट संरक्षित क्षेत्र है, यह 350 एकड़ में फैले जंगल के बीच का सफर यादगार बन जाता है। फिर जंगली जानवरों के बीच रोमांच को महसूस करने का अपना ही मजा है। उड़ते हनुमान जी को फुकेट में देखना काफी मनोहारी है। दरअसल यहां कोई हनुमान नहीं उड़ते, बल्कि एडवेंचर पार्क की थीम ही है। यहां अनोखे जानवरों से मिलकर हैरान रह जाएंगे आप। स्पीड बोट पर कोरल द्वीप के घाट के किनारे समुद्र्री जीवों के जीवाश्म से बनी कोरल भित्तियों को देखने का अपना ही मजा है। फिर छिछले साफ  पानी में मछलियों को छूना किसे अच्छा नहीं लगता।

थाईलैंड में कई दशक से प्रॉस्टीट्यूशन गैरकानूनी है, लेकिन इसे रोकने को लेकर सख्ती नहीं है। यहीं वजह है कि राजधानी बैंकॉक दुनिया में सेक्स टूरिज्म के लिए बदनाम हो गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक थाईलैंड में करीब 123,000 सेक्स वर्कर्स हैं। हालांकि वास्तविक आंकड़ा अधिक हो सकता है। बैंकॉक की पटाया सिटी में बड़ी संख्या में टूरिस्ट पहुंचते हैं। यहां 1,000 से ज्यादा बार और मसाज पार्लर हैं। यूं तो थाईलैंड का हर कोना दर्शनीय है, पर फुकेट के कहने ही क्या। फुकेट में घूमने और मौज-मस्ती लायक तमाम स्थल हैं।

फी फी द्वीपों की यात्रा, स्पीड बोट या क्रूज से 7 घंटें में की जाती है। फी फी द्वीप समूह में 6 द्वीप आते हैं। जहां के नजारे बेहद शानदार हैं। यहां बीचों की अपनी खासियत है, तो समुंदर के किनारों का दृश्य काफी मनोहारी और सुकून भरे है। फैंग नगा खाड़ी की यात्रा काफी रोमांचक है। ये टूर आप पूरे जीवन नहीं भूल जाएंगे। ये जगह कायाकिंग सागर में है। फैंटा सागर का कमला बीच टूर में जाकर हाथियों से मिल सकते हैं, जो स्थानीय संस्कृति को भी समझने में मजा आएगा। यहां शॉपिंग की शानदार जगहे हैं, तो एडवेंचर सेंटर भी। खाने के लिए ढेर सारे पकवान मिलेंगे, तो मस्ती के लिए बीच भी।  बैंबू राफ्टिंग नेचर टूर में फैंग नगा खाड़ी के जंगली इलाकों में राफ्टिंग की सेवा है। जहां आपका सामना ढेर सारे जानवरों मसलन हाथी, मगरमच्छों से होगा। सफारी के लिए भी ये जगह मस्त है, तो तोन प्लिंग वॉटरफॉल को आप कभी भुला नहीं पाएंगे। फैंग नगा गए और क्रूज पर घूमकर मस्ती नहीं किए तो आपका थाईलैंड आना बेकार ही माना जाएगा। यहां जेम्स द्वीप और तैरते गांव कोह पैन यी शानदार जगह हैं। फुकेट में अच्छा खासा शहर है। जहां आपको फुकेट की संस्कृति को करीब से जानने और समझने का मौका मिलेगा। यहां टूर के दौरान आप एक साथ तीन बीचों पर निगाह दौड़ा सकते हैं। सफेद पानी में राफ्टिंग का मजा, जंगल, पानी, जानवर, स्पीड, रोमांच का मजा आपको यहीं मिलेगा। पूरी दुनिया में यहां की राफ्टिंग मशहूर है।

फुकेट में आकर्षण का केन्द्र बिन्दु बना कुम्भ मेला

लखनऊ। दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक एवं धार्मिक कुम्भ मेले का प्रचार-प्रसार भारतीय कुंग फू टीम ने थाईलैंड फुकेट में हुई 7वीं विश्व कुंग फू प्रतियोगिता के दौरान विदेशी खिलाडिय़ों के बीच किया। वरिष्ठï पत्रकार और कुंग फू टीम के लीडर राजेन्द्र के. गौतम और कोच ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी ने फुकेट की मेयर सोमजई सुवनसुपाना को कुम्भ मेले की पत्रिका भेंट कर मेले के बारे में विस्तार से बताया। फुकेट की मेयर ने देश के सबसे बड़े सांस्कृतिक एवं धार्मिक मेले के आयोजन के लिए बधाई दी। भारतीय कुंग फू टीम के अन्य सदस्यों ने भारी संख्या में विदेशी खिलाडिय़ों को कुम्भ मेले के बारे में अवगत कराया। अंतर्राष्टï्रीय कुंग फू संघ के अध्यक्ष फू बियाओ को कुम्भ मेले के बारे में जब बताया गया कि इस मेले में लाखों लोग हिस्सा लेते हैं। सांस्कृतिक एवं धार्मिक आयोजन के बारे में जानकर फू बियाओ ने कुम्भ मेले को देखने की इच्छा जताई।

rgautamlko@gmail.com

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