22 February, 2018

सुस्त चाल से बेदम यूपी के ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’

'International Player' of Uttar Pradesh, Sports deparment of Uttar Pradesh, Job, Sports Director R.P.Singh
शिशुपाल सिंह

लखनऊ। इसे उत्तर प्रदेश के खिलााडिय़ों का दुर्भाग्य कहें या फिर खेल विभाग की लापरवाही मात्र दो वर्ष में अन्तर्राष्टï्रीय खेलों में यूपी के पदक विजेता खिलाडिय़ों को राजपत्रित पदों पर सीधी भर्ती करा पाने में खेल विभाग फेल हो गया है। जबकि कई पदक विजेता खिलाडिय़ों ने नौकरी के लिए आवेदन किया है, लेकिन सरकारी मकडज़ाल में फंसकर किसी भी खिलाड़ी को अभी तक नौकरी नहीं मिल पाई है। खेल विभाग के दावों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
'International Player' of Uttar Pradesh, Sports deparment of Uttar Pradesh, Job, Sports Director R.P.Singhबताते चलें कि अखिलेश यादव सरकार ने यूपी के अंतर्राष्टï्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी नौकरियां देने का ऐलान किया था। इस घोषणा पर पूर्व प्रमुख सचिव खेल  डा. अनीता भटनागर जैन ने 2 नवम्बर 2015 को अंतर्राष्टï्रीय पदक विजेता खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरी दिए जाने की नीति का शासनादेश जारी किया था।  14 सरकारी विभाग ग्राम्य विकास, नगर विकास, माध्यमिक शिक्षा, गृह, पंचायतीराज, खेल, ऊर्जा, युवा कल्याण, परिवहन, वन और राजस्व में कुल 49 पद खिलाडिय़ों के लिए निर्धारित किए गए थे। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय चयन समिति बनाई गई थी। इस चयन समिति में 14 विभागों के प्रमुख सचिव सदस्य और खेल निदेशक को सचिव बनाया गया था। खेल विभाग के सूत्रों का कहना है कि यूपी के लगभग दो दर्जन अंतर्राष्टï्रीय खिलाडिय़ों ने सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया था। लेकिन मात्र पांच अंतर्राष्टï्रीय पदक विजेता खिलाडिय़ों सीमा पुनिया (एथलीट), प्रियंका पवार (एथलीट), स्वाती सिंह (वेटलिफ्टिंग), मोहम्मद असद (शूटिंग), दानिश मुस्तफा (हॉकी) चयन प्रक्रिया में आ पाए हैं।
खेल विभाग के आला अफसरों की लापरवाही के चलते न तो मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक अभी तक नहीं हो पाई है और न ही अंतर्राष्टï्रीय पदक विजेता खिलाडिय़ों को नौकरी दिए जाने की प्रक्रिया पूरी हो पाई है। इस बाबत खेल निदेशक आर. पी. सिंह का कहना है कि जल्द ही यूपी के पांच खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरी मिल जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई है। उन्होंने आशा जताते हुए कहा कि कुछ वर्षों में  होने वाले कॉमन वेल्थ गेम और ओलम्पिक खेलों में यूपी के खिलाड़ी पदक जीतने की संभावना है। प्रमुख सचिव खेल मोहम्मद इफ्तेखारूद्दीन ने बताया कि जल्द मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक होने वाली है। इस बैठक में पांच खिलाडिय़ों को सरकारी नौकरी के लिए खेल विभाग ने संस्तुति की है।
स्टाफ की कमी
यूपी में खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकारों द्वारा दावे तो बहुत किए जाते हैं। लेकिन खेल विभाग में स्वीकृत पदों के सापेक्ष खाली पद सरकारों के दावों की पोल खोल रहे हैं। श्रेणी ए के छह पद स्वीकृत हैं, लेकिन खेल विभाग के सबसे महत्वपूर्ण पद डिप्टी डायरेक्टर प्रशासन का पद लम्बे समय से खाली है। इसी तरह ग्रुप बी में क्षेत्रीय क्रीडा अधिकारी के 18 स्वीकृत पदों में 9 खाली हैं। असिस्टेंट इंजीनियर का एक पद है, वह भी खाली है। श्रेणी सी में खेल अफसर के 58 पद स्वीकृत हैं, जबकि 10 खाली हैं।
उप खेल अफसर के 100 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 37 खाली हैं। असिस्टेंट कोच के 23 पद हैं, 5 खाली हैं। क्लर्क और टेक्निकल स्टाफ के 239 पद स्वीकृत हैं और 61 खाली हैं। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि खेल विभाग के स्वीकृत स्टाफ की भारी कमी हैं। खेल निदेशक आर.पी. सिंह का कहना है कि काफी पद लोकसेवा आयोग के हैं। अधियाचन भेजा गया हैं। 10 खेल अफसरों का चयन हो चुका है। जिनकी जल्द तैनाती हो जाएगी। उन्होंने स्टाफ की कमी को स्वीकारते हुए कहा कि धीरे-धीरे कमी पूरी हो जाएगी।

 

rgautamlko@gmail.com

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