11 December, 2018

5.5 करोड़ के काले धन की आयकर करेगा जांच

MONEY

कानपुर। एसपी साउथ ने दो दिन पूर्व सटीक सूचना पर शहर के दो बड़े कारोबारियों के यहां छापा मारा। छापेमारी में पुलिस ने साढ़े पांच करोड़ रूपए की नकदी पकड़ी। जिसके बाद पुलिस को आशंका थी यह रूपया हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ है। लेकिन मंगलवार देर रात तक पुलिस और आयकर को ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला कि यह रूपया हवाला काराबोर का है। जिसके चलते इन रूपयों की पूरी जांच अब आयकर विभाग को सौंप दी गई है।

 

दिवाली से ठीक पहले नयागंज के कारोबारी पर पुलिसिया जांच आयकर छापे में तब्दील हो गई। व्यापारी विवेक अग्रवाल और रामगोपाल तोषनीवाल के पास से मिले 5.5 करोड़ रुपए का हिसाब न दे पाने पर देर रात आयकर विभाग ने उनके कारोबारी परिसरों सहित घर को भी जांच के दायरे में रख दिया। अभी तक लगभग 4.5 करोड़ रुपए सीज किए गए हैं। तोषनीवाल बिना पंजीकरण मनी ट्रांसफर करते थे जिसके एवज में .2 फीसदी कमीशन मिलता था। आयकर विभाग के मुताबिक हवाला से किसी तरह के अभी तक लिंक नहीं मिले हैं।

 

सोमवार शाम को एसपी साउथ अशोक कुमार वर्मा ने नयागंज में सुपाड़ी, शक्कर और जीरा की थोक फर्म अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी में छापा मारकर करोड़ों का कैश पकड़ा था। पुलिस को शक था कारोबारी हवाला का कारोबार का काम करते हैं। लेकिन कोई ऐसा ठोस सबूत पुलिस नहीं ढूंढ सकी। दस लाख से ज्यादा नकदी मिलने पर आयकर विभाग को सूचना देना जरूरी है इसलिए उसे सूचना दी गई। मंगलवार देर रात को प्रधान आयकर निदेशक जांच असीम कुमार और संयुक्त निदेशक जांच अमरेश कुमार तिवारी के निर्देश पर उप निदेशक जांच वेदप्रकाश, केके मिश्रा और सौरभ आनंद की टीम ने आयकर कर्मचारियों और पुलिस फोर्स के साथ जांच शुरू की थी।

 

जांच में खुलासा हुआ कि बड़ी मात्रा में कच्चे पर्चे पर यानी आउट आफ बुक्स व्यापार किया जा रहा था। तोषनीवाल की जांच में पता चला कि कई राज्यों के व्यापारियों को पैसा ट्रांसफर करते हैं। चूंकि काम कच्चे पर होता था इसलिए कैश भेजने के लिए बैकिंग चैनल का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे। सड़क मार्ग या हवाई मार्ग से लाखों-करोड़ों कैश भेजने पर खतरा था। इसलिए .2 फीसदी तक कमीशन लेकर पैसा व्यापारी को ट्रांसफर करते थे। इस काम को कारोबारी भाषा में मनी ट्रांसफर कहा जाता है लेकिन इसे करने के लिए पंजीकरण कराना पड़ता है। तोषनीवाल ने पंजीकरण नहीं कराया था। आयकर विभाग के मुताबिक गैर कानूनी गतिविधियों और गैर कानूनी रास्तों से कमाए गए पैसों को जब दूसरे देशों में ट्रांसफर किया जाता है, तब उसे हवाला का नाम दिया जा सकता है लेकिन इस मामले में अभी ऐसा कुछ नहीं पाया गया है। इस मामले में कच्चे कारोबार का पैसा नंबर दो के रास्ते व्यापारियों को ट्रांसफर किया जाता था।

 

सूत्रों के मुताबिक लगभग 4.5 करोड़ कैश अग्रवाल ट्रेडिंग फर्म और 96 लाख कैश तोषनीवाल से मिलने के बाद आयकर विभाग ने पूछताछ की तो व्यापारी 83 लाख के दस्तावेज दिखा पाए। इसके बाद रातों-रात सर्च वारंट तैयार किया गया और पूरी कार्रवाई को छापे में बदल दिया गया। रात में व्यापारियों के नयागंज स्थित दो परिसर, ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोदाम, ऑफिस और किदवई नगर स्थित घर पर अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी। साढ़े चार करोड़ रुपए के कैश का हिसाब न दे पाने पर उसे सीज कर दिया गया। तीन लाकर मिले हैं, जिनमें से एक को सीज कर दिया गया है।

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