22 February, 2018

लामार्टीनियर कॉलेज के सीनियर छात्रों पर दर्ज हुआ लूट का मुकदमा

एम. एम. सरोज

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित ला.मार्टीनियर स्कूल के सीनियर छात्रों पर गौतमपल्ली थाने में पुलिस ने लूट का मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि स्कूल में पढऩे वाले जालौन जिला के उरई निवासी जय माहेश्वरी पुत्र सुधीर माहेश्वरी से हॉस्टल में सीनियर छात्र प्रताडि़त करते थे। इतना ही नहीं उससे होमवर्क मारपीट और लूटपाट भी की जाती थी। मारपीट-प्रताडऩा से वह इतना अवसाद ग्रस्त हो गया कि पिता को उसे स्कूल से निकालना पड़ा था। पिता सुधीर डांगरा ने मानव संसाधान विकास मंत्रालय में शिकायत की थी। मंत्रालय की जांच के बाद केस दर्ज किया गया। एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि उरई में मेडिकल स्टोर संचालक सुधीर डांगरा ने इकलौते बेटे जय का लामार्ट में कक्षा छह में दाखिल कराया था। जय हॉस्टल में रहकर पढ़ता था। सत्र 2016-17 में जय 8वीं में गया तो सीनियर छात्रों ने उसे प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। सीनियर छात्र जय माहेश्वरी से अपना सारा काम कराते थे। जरा-जरा सी बात पर पिटाई भी करते थे। रुपये भी छीन लेते थे। दहशतजदा छात्र जब छुट्टी पर घर गया तो परिवारीजनों को यह बात बताई और स्कूल लौटने से इन्कार कर दिया। परिवारीजनों ने वार्डन से मिलकर पूरे मामले की जानकारी लेनी चाही तो उसने किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया। तब पिता सुधीर ने बेटे को स्कूल से निकाल लिया और मानव संसाधन मंत्रालय पहुंच गए।

मंत्रालय ने सीओ हजरतगंज को सौंपी जांच

सीओ हजरातगंज ने छात्र व पिता के बयान के बाद केस दर्ज करने का आदेश दिया। लामार्टीनियर स्कूल में हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश, आईएएस, आईपीएस, नेता-मंत्री, विधायक, रसूखदारों और बड़े कारोबारियों के बच्चे पढ़ते हैं। यही वजह है कि स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। पुलिस कोई कार्रवाई भी करना चाहे तो दबाव आ जाता है। ला मार्टिनियर स्कूल प्रशासन के रवैये को लेकर पहले भी सवाल उठे हैं। कक्षा नौ के छात्र राहुल श्रीधरन की 10 अप्रैल 2015 को कांस्टेंशिया स्मारक से रहस्यमय हालात में गिरकर मौत के मामले में पुलिस ने लीपापोती कर दी थी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्कूल प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट कर दिए थे। पुलिस ने भी इस केस को खुदकुशी बताते हुए केस को रफ ा-दफ ा करने की कोशिश की लेकिन राहुल के पिता पीजीआई निवासी वी. श्रीधरन ने कोर्ट में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए याचिका दी जिस पर घटना के सवा दो साल बाद तत्कालीन थाना प्रभारी और दरोगा पर लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज किया गया था। इस केस में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सीओ हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा का कहना है कि स्कूल प्रशासन विवेचना में सहयोग नहीं कर रहा है जिसके चलते मामला अटका पड़ा है। वहीं गौतमपल्ली थानाध्यक्ष का कहना है कि पीडि़त छात्र का ब्यान दर्ज होना है दर्ज होते ही सिनियर छात्रो व स्कूल प्रशासन के खिलाफ निश्चित कार्यवाही होगी।

हॉस्टल के छात्र नशे के आगोश में

ला.मार्टीनियर स्कूल और हॉस्टल के बच्चों की संख्या बहुत ज्यादा है। यही वजह है कि स्कूल प्रशासन उनकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाता है। छात्र गुंडागर्दी करते हैं, मारपीट करते हैं और नशेबाजी करते हैं। स्कूल प्रशासन ने कभी इस दिशा में ध्यान नहीं दिया। हॉस्टल में शराब की बोतलें, सिगरेट के पैकेट, मोबाइल फ ोन, पेन ड्राइव में अश्लील फि ल्में आसानी से उपलब्ध हैं। सुधीर माहेश्वरी का आरोप है कि लामार्ट के हॉस्टल में रहने वाले छात्र शराब-सिगरेट पीते हैं और ड्रग्स लेते हैं और नशे में धुत होकर उत्पात मचाते हैं। छात्रों को नशे का हर सामान आसानी से उपलब्ध है। सीनियर छात्रों ने उनके बेटे को भी कई बार जबरन नशा कराने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट हुई। वार्डन के साथ ही स्कूल प्रशासन के हर व्यक्ति को हॉस्टल में नशेबाजी के बारे में पता है लेकिन अब तक एक बार भी कार्रवाई नहीं की गई। सुधीर डांगरा ने लामार्ट के हॉस्टल में बेटे जय के साथ रैगिंग किए जाने व मारपीटकर पैसे लूट लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन ने हॉस्टल की सारी व्यवस्थाएं वहां रहने वाले सीनियर छात्रों के सुपुर्द कर रखी हैं।

grish1985@gmail.com

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