19 November, 2018

जाने यूपी के किस आईएएस अफसर के जेम्स बांड रवैए से हलकान भ्रष्टाचारी

लखनऊ। घपलों की शिकायतों को जांचने की आदत से मशहूर ईमानदार और कडक़ छवि के कृषि उत्पादन आयुक्त (एपीसी) प्रभात कुमार को सूबे की नौकरशाही ने जेम्स बांड का नेक नेम प्रदान किया है। एपीसी की इस आदत से उनके अधीन 17 विभागों के प्रमुख सचिव परेशान हैं। हर मामले को शक की नजर से देखने से कई प्रमुख सचिवों ने एपीसी की कार्यप्रणाली को लेकर मुख्य मंत्री से शिकायत की। लेकिन मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र होने के कारण शिकायतों को नजरअंदाज किया गया है। सूत्रों का कहना है कि कई अफसर एपीसी के पर कतरवाने में जुटे हैं। सबसे पहला झटका मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय के विदेश दौरे पर जाने के बाद मुख्य सचिव का चार्ज एपीसी को न देकर संजय अग्रवाल को दिया गया था। अब दूसरा झटका नोएडा अथारिटी के अध्यक्ष पद से हटाकर देने की तैयारी में हैं।
उल्लेखनीय है कि 1985 बैच के इस वरिष्ठ आईएएस प्रभात कुमार एपीसी के साथ-साथ ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस वे, औद्योगिक विकास प्राधिकरण गौतमबुद्ध नगर का अतिरिक्त प्रभार संभालने की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। यमुना अथॉरिटी और ग्रेटर नोएडा के चेयरमैन डॉ. प्रभात कुमार को सख्त फैसले लेने वाला अधिकारी माना जाता है इससे पहले भी डॉ. प्रभात नोएडा अथॉरिटी में कार्यरत रहे हैं, वह बतौर डीसीईओ यहां करीब सवा साल तैनात रहे। नोएडा अथॉरिटी में एक समय काफी चर्चा में रहे प्लॉट अलॉटमेंट घोटाले की मुख्य आरोपी नोएडा की तत्कालीन सीईओ नीरा यादव के केस में प्रभात अहम गवाह हैं। डॉ. कुमार पहली बार इसी केस को लेकर चर्चा में आए थे। डॉ. प्रभात कुमार आईएएस बनने से पहले पेशे से डॉक्टर रह चुके हैं। डॉ. प्रभात की छवि तेजतर्रार आईएएस अधिकारी की रही है।
लंबा प्रशासनिक अनुभव और अपने कार्य में दक्षता उन्हें दूसरे अधिकारियों से अलग कतार में खड़ा करता है। अपने कार्य के प्रति वह कितने गंभीर हैं उसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि में मेरठ के कमिश्नर बनने के बाद उन्होंने सभी सरकारी विभागों को आदेश देते हुए कहा कि सभी विभाग के अधिकारी शासन के निर्देशों का पालन करते हुए जनता की समस्याओं का निपटारा करें, यहीं नहीं उन्होंने साथ ही सभी को चेतावनी देते हुए कि अगर कोई अधिकारी अपने कार्यालय से अनुपस्थित रहा तो उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि वह हमेशा सुबह 9 बजे से 11 बजे तक अपने कार्यालय में आकर जनता से मिलें, जन शिकायतों के निपटारे के लिए काम करें।
शासन के सूत्रों का कहना है कि एपीसी बनने के बाद कई मामलों की जांच कर रहे हैं। इन जांचों की आंच शासन के शीर्ष स्तर के अफसरों तक पहुंच रही है। यही वजह है कि एपीसी के जेम्स बांड रवैए से काफी अफसर परेशान हैं। गाहे-बगाहे सीएम से एपीसी के कारनामों की शिकायतें होती रहती हैं।

rgautamlko@gmail.com

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