21 October, 2018

परंपरागत खेती छोड़ अपनाई पोली हाउस तकनीक

पलवल। पलवल जिला के किसान रेवती नंदन ने तीन एकड़ भूमि में पॉली हाऊस व नेट हाऊस लगाकर सब्जियों व फूलों की खेती कर अपने अपनी आय को चार गुणा कर अपने जीवन में बदलाव किया। किसान रेवती नंदन ने बुधवार को कहा कि किसान परम्परागत खेती की बजाय पोली हाऊस व नेट हाऊस लगाकर संरक्षित खेती करें। रेवती नंदन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारत सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए मोदी सरकार के चार साल की उपलब्धियों पर खुशी जाहिर की। 

 

पॉली हाऊस में विभिन्न किस्म के फूलों जिनमें जलवीरा,गुलाब,चमेली व सब्जियों में खीरा,टमाटर,शिमला मिर्च की खेती करते है। पोली हाऊस में खेती करने पर फसल की पैदावार में बढोत्तरी होती है। एक एक एकड़ फसल के उत्पादन से साल भर में करीब सात लाख रुपये की आमदनी उन्हें होती है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पोली हाऊस लगाने पर उन्हें 65 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की गई है। 

 

जिला बागवानी अधिकारी डाॅ अशोक कुमार वर्मा ने बागवानी मिशन के तहत पलवल जिला में किसानों की आय को दोगुणी करने के लिए अथक प्रयास किए जा रहे है। किसानों को संरक्षित खेती करने के लिए गांवों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया है। जिले में 29 पोली हाऊस व नेट हाऊस लगाए गए है। पॉली हाऊस व नेट हाऊस की संख्या बढ़कर 44 हो गई है। किसानों को पॉली हाऊस व नेट हाऊस लगाने पर 65 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। 

rgautamlko@gmail.com

Review overview
NO COMMENTS

Sorry, the comment form is closed at this time.