23 March, 2019

बौद्ध मंदिर में रोबोट पुजारी ने शुरू की पूजा!

क्योटो। जापान के क्योटो में स्थित 400 साल पुराने बौद्ध मंदिर में एक रोबोट पुजारी को संबोधन देने के लिए रखा गया है। यह रोबोट पुजारी भगवान बुद्ध के संदेशों को युवाओं तक पहुंचाने का काम करेगा। जापान ने युवाओं तक पहुंच बढ़ाने और उन्हें बुद्ध के संदेशों से अवगत कराने के लिए मंदिर में रोबो पुजारी रखा है। हाल ही में एंड्रायड कानन नामक रोबो पुजारी को रहम के देवता के रूप में डिजाइन किया गया है। इस रोबो पुजारी ने हाल ही में कोडाइजी मंदिर में पहला संबोधन दिया। मार्च की शुरुआत से यह रोबो पुजारी मंदिर में रोज बुद्ध के संदेशों का पाठ पढ़ाएगा।

इस रोबो पुजारी को जैन मंदिर और ओसाका यूनिवर्सिटी के इंटेलिजेंस रोबोटिक प्रोफेसर हीरोशि इशिगुरो ने मिलकर डिजाइन किया है। इस रोबो पुजारी को बनाने में 100 मिलियन येन की लागत आई है। मंदिर ने प्रोफेसर इशिगुरो से एक रोबो पुजारी बनाने के लिए सहायता मांगी जो भगवान बुद्ध के संदेशों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचा सके। मंदिर के पुजारी तेंशो गोटो ने बताया कि दुनियाभर में बौद्ध धर्म का संदेश बौद्ध तस्वीरों से ही फैलता है। हमें उम्मीद है कि एंड्रॉयड कानन बौद्ध धर्म के संदेशों को लोगों तक सफलतापूर्वक पहुंचा पाएगा। हम चाहते हैं कि लोग आएं और रोबोट को सुनें व धर्म की गहराई में सोचें। मंदिर के अनुसार बौद्ध धर्म में रहम के देवता समय-समय पर रूप बदलकर लोगों की मदद करते हैं और एंड्रॉयड कानन उनका नया स्वरूप है। रोबो पुजारी 77 इंच लंबा है और उसका वजन 60 किलो है। यह रोबो पुजारी अपने हाथ,  सिर और शरीर को हिला सकता है। उसका चेहरा और उसके कंधे सिलिकॉन से डिजाइन किए गए हैं, ताकि वो इंसानों जैसा दिखाई दे। रोबो पुजारी का बाकी शरीर मेकेनिकल है और उसका सिर खुला हुआ है। उसकी बाईं आंख में एक कैमरा लगा हुआ है। इस रोबो को जापानी भाषा में सरमन सुनाने के लिए प्रोग्राम किया गया है। विदेशी पर्यटकों के लिए इसे अंग्रेजी और चीनी भाषा में भी प्रशिक्षित किया गया है। 

भारत में भी बढ़ेगा रोबोट पुजारी का चलन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी के इस दौर में जब जापान में रोबोट पुजारी ने भगवान बुद्ध के संदेशों को जनता तक पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है तो 33 करोड़ देवी-देवताओं वाले भारत देश में भी इसकी सुगबुगाहट शुरू हो गई है। कई बुद्घिजीवियों और धर्मावलम्बियों का मानना है कि आने वाले कुछ सालों में भारत में भी रोबोट पुजारी का चलन बढ़ेगा। इस बात की ज्यादा संभावना है कि शुरूआती तौर पर कुछ विरोध होगा, लेकिन इसकी लोकप्रियता बढ़ेगी। इससे देश में पाखण्डवाद भी दूर होगा। धर्म के नाम पर चोला ओढ़े तमाम अज्ञानी बाहर होंगे। साथ ही हमारी धार्मिक संस्कृति और धरोहर भी संरक्षित होगी।

 

rgautamlko@gmail.com

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