20 July, 2018

बलात्कार की सजा बर्बर होने से ही ऐसे अपराधों में कमी आएगी: मंजरी

नयी दिल्ली। बालीवुड अभिनेत्री मंजरी फड़नीस ने कठुअा और उन्नाव में बलात्कार की घटनाओं पर दुख व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी से अपील की है कि ऐसे अपराध को अंजाम देने वालों को कठोर से कठोर सजा दी जानी चाहिए।

 

मंजरी का कहना है कि बलात्कार एक बहुत ही बर्बर कृत्य है और इसकी सजा भी इतनी ही बर्बर और कठोर होनी चाहिए ताकि अपराधियों में खौफ पैदा हो सके और ऐसे अपराधों को करने से पहले वे एक बार सोचें।

 

मंजरी ने श्री मोदी को लिखे एक पत्र में कहा है“ बलात्कार जानबूझकर की गई हत्या से से भी बुरा अपराध है और आप अपने शासन काल में इस देश की महिलाआें की सुरक्षा तथा आजादी को सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कम से कम एक यह उपहार ताे दे ही सकते हैं कि बलात्कार जैसे कृत्य की सजा इतनी कठोर और बर्बर हो कि अपराधियोंं में सजा का खौफ रहे अौर वे एेसा जघन्य अपराध करने से पहले कम से कम एक बार जरूर सोचें। जब तक बलात्कार की सजा कठोर और बर्बर नहींं होगी तब तक हमारे देश में एेसे अपराध नहीं रूकेंगे। ”

 

मंजरी का कहना है “ यह जघन्य अपराध जान बूझकर की गई हत्या से भी बुरा है और अगर कोई नाबालिग भी इस अपराध को करता हैं तो उसे भी नहीं बख्शा जाना चाहिए। बलात्कार एक एेसा अपराध है जिसमें एक महिला की अात्मा की हत्या कर दी जाती है अौर सुरक्षा की भावना के बगैर कोई आजादी नहीं है। एेसे अपराधों को अगर कोई नाबालिग भी करता है ताे उसे भी कड़ी सजा मिलनी चाहिए । बच्चे को 13 वर्ष की अायु में ही अच्छे और बुरे का ज्ञान हो जाता है आैर उसे यह भी पता हाेता है कि एेसा अपराध करते समय वह दूसरे को कितना दर्द दे रहा है और कितना अत्याचार कर रहा है।”

 

मंजरी ने पत्र में कहा “ निर्भया हादसे के छह वर्ष से भी अधिक समय बीत जाने के बाद स्थितियां जस की तस हैं और उनका कहना है कि कानूनों को बदलने या संविधान में नया कानून बनाने में समय लगता है। अाप और कितने समय का इंतजार कर रहे हैं और निर्भया हादसे को भी पांच वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है । उस जघन्य कांड़ को अंजाम देना वाले नाबालिग की उम्र उस समय 18 वर्ष होने में कुछ ही माह कम थी लेकिन वह अब 23 साल का हो चुका है और अपने अपराध का उसे कोई पछतावा नहीं है तथा वह आजाद है। ऐसे में किस तरह कोई महिला सुरक्षित हो सकती है और उसे (निर्भया हादसे के मुख्य दोषी, उस समय नाबालिग ) को वापिस लाकर फांसी पर लटका देना चाहिए। ”

 

गाैरतलब है कि उन्नाव और कठुआ बलात्कार की घटनाओं को लेकर देश में जोरदार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और लोगों में जबर्दस्त रोष है। कठुआ की घटना की चर्चा अंतराष्ट्रीय स्तर भी हो गई है और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरेस ने आठ वर्षीय बच्ची से बलात्कार और हत्या की घटना को ‘डरावना’ बताते हुए उम्मीद जताई है कि इस संबंध में प्रशासन न्याय ज़रूर सुनिश्चित करवाएगा। जनवरी में हुई इस घटना के संबंध में अब तक आठ लोग गिरफ़्तार किए गए हैं, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों पर सबूत मिटाने के भी आरोप हैं।

rgautamlko@gmail.com

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