11 December, 2018

धर्म संकट में आरबीआई!

demonetization
राजेन्द्र के. गौतम
लखनऊ। नोटबंदी के दो साल बाद भी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) के मुद्दे पर धर्म संकट में है। काले धन पर अंकुश लगाने के नाम पर बैंक में कितनी धनराशि जमा हुई और आरबीआई ने कुल कितनी धनराशि के नोट छपवाए, उन पर कितना रुपए व्यय हुआ, जनसूचना अधिनियम के तहत मांगी गई सूचनाओं के लिए इन सवालों में से कुछ का आधा-अधूरा जवाब दिया गया है और कुछ को आरबीआई पूरी तरह से गोल कर गया है।
17 सितम्बर 2018 को निष्पक्ष दिव्य संदेश के संवाददाता राजेन्द्र के. गौतम ने आरबीआई से निम्नलिखित सूचनाएं मांगी थी। देश में आरबीआई ने कब-कब विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) किया। इस सूचना को आरबीआई पूरी तरह से गोल कर गया। दूसरी सूचना में आरबीआई के गठन के बाद से विमुद्रीकरण से कितनी धनराशि वापस बैंक को प्राप्त हुई। इस सूचना पर आरबीआई पूरी से चुप्पी साध ली है। तीसरी सूचना यह मांगी गई कि 8 नवम्बर 2016 के बाद आरबीआई ने कुल धनराशि के कितनी मात्र में नोट और सिक्के छपवाए। मांगी गई इस सूचना पर आरबीआई ने मौनव्रत ले लिया है। चौथी यह सूचना मांगी गई थी कि आरबीआई ने नोटों और सिक्कों की छपवाई पर कुल कितनी धनराशि व्यय की। भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण (प्रा.) लिमिटेड (बीआरबीएनएमपीएल) ने पत्र संख्या बीएनएम न. 2114/10.11.01 (4) 2018-19 ने नोटों और सिक्कों की कुल छपवाई पर कितनी धनराशि का व्यय न देते हुए यह जानकारी उपलब्ध कराई है कि 10 रुपए के नोट की छपवाई पर 700 रुपए प्रति हजार खर्च आया है। इसी तरह 20 के नोट पर 850 रुपए, 50 के नोट पर 830 रुपए, 100 रुपए के नोट पर 1500 रुपए, 200 के नोट पर 2240 रुपए, 500 के नोट पर 2390 रुपए और 2000 के नोट की छपवाई पर 4180 रुपए प्रति हजार खर्च आया है। पांचवीं सूचना यह मांगी गई थी कि नोटबंदी के बाद बैंकों में कुल कितनी धनराशि जनता के माध्यम से एकत्रित की गई।
इस सवाल का जवाब आरबीआई पूरी तरह से गोल कर गया। जबकि एक अन्य आरटीआई के तहत आरबीआई ने खुलासा किया था कि नोटबंदी के बाद 30 जून 2017 तक 500 रुपये और 1000 रुपये के पुराने नोट्स के 15.28 ट्रिलियन मूल्य के रुपए बैंकों और आरबीआई में जमा किए गए हैं। छठवीं यह जानकारी मांगी गई थी कि विमुद्रीकरण करने की घोषणा का अधिकार आरबीआई के किस अफसर के पास है। इस सवाल पर आरबीआई के हाथ-पांव फूल गए, जवाब नहीं दिया है। इस संबंध में मध्य प्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने आरटीआई के तहत यह भी बताया गया कि आठ नवंबर 2016 को जब नोटबंदी की घोषणा की गयी, तब आरबीआई के सत्यापन और मिलान के मुताबिक 500 और 1,000 रुपये के कुल 15,417.93 अरब रुपये मूल्य के नोट चलन में थे। विमुद्रीकरण के बाद इनमें से 15,310.73 अरब रुपये मूल्य के नोट बैंकिंग प्रणाली में लौट आये। आरटीआई के जवाब से स्पष्ट है कि नोटबंदी के बाद केवल 107.20 अरब रुपये मूल्य के विमुद्रित नोट बैंकों के पास वापस नहीं आ सके।
गौड़ ने अपनी आरटीआई अर्जी के जरिये आरबीआई से यह भी जानना चाहा था कि विमुद्रित बैंक नोटों को नष्ट करने में कितनी रकम खर्च की गयी। इस प्रश्न पर आरबीआई की ओर से उन्हें भेजे गये जवाब में कहा गया, यह सूचना जिस रूप में मांगी गयी है, उस रूप में हमारे पास उपलब्ध नहीं है तथा इसे एकत्र करने में बैंक के संसाधन असंगत रूप से विपथ होंगे। अत: मांगी गई सूचना आरटीआई अधिनियम 2005 की धारा सात (नौ) के अंतर्गत प्रदान नहीं की जा सकती है। जाने-माने अर्थ विशेषज्ञ आनंद अभिषेक का कहना है कि आरबीआई अभी तक नोटबंदी के कारणों को लेकर सवालों के घेरे में है।  8 नवम्बर 2016 तक देश में 15.41 लाख करोड़ रुपए की मुद्रा चलन में थी। नोटबंदी के बाद 15.31 लाख करोड़ रुपए वापस आए। मार्च 2018 तक 18.03 लाख करोड़ रुपए मुद्रा चलन में है। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि नोटबंदी का फैसला जनहित में सफल नहीं साबित हो पाया है। नोटबंदी के पीछे के राज जितने भी छिपने का प्रयास आरबीआई द्वारा किए जा रहे हैं उतना घिरता जा रहा है।
विमुद्रीकरण के ये सवाल चुभ रहे हैं बैंक को
1. भारतीय रिजर्व बैंक के गठन के बाद से देश में कब-कब विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) किया गया।  (विमुद्रीकरण आदेश की प्रमाणित छाया प्रति प्रदान करने की कृपा करें।)
2. बैंक के गठन के बाद से विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) से कितनी धनराशि वापस भारतीय रिजर्व बैंक को प्राप्त हुई।  (वर्षवार प्राप्त हुई धनराशि की प्रमाणित छाया प्रति प्रदान करने की कृपा करें।)
3. विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने कितनी कुल धनराशि के कौन-कौन से नोट व सिक्के कितनी मात्र में छपवाए। (वर्षवार और नोटवार विवरण की प्रमाणित छाया प्रति प्रदान करने की कृपा करें।)
4. विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) के बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने नोटों और सिक्कों की छपवाई पर भारतीय रिजर्व बैंक ने कितनी धनराशि व्यय की।
5. विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) के बाद भारतीय रिजर्व बैंक के पास जनता के माध्यम से कितनी धनराशि वापस प्राप्त हुई।
6.  विमुद्रीकरण (डिमोनाटेजेशन) की घोषणा करने का अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक के किस श्रेणी के अधिकारी के पास है। (अधिकार की प्रमाणित छाया प्रति प्रदान करने की कृपा करें।)

rgautamlko@gmail.com

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