18 February, 2019

जलवायु परिवर्तन का कृषि आय पर जोखिम

कृषि मंत्री बोले केंद्रीय कृषि मंत्री राध मोहन सिंह ने जलवायु परिवर्तन से कृषि को हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि पर इसका असर पहले से दिख रहा है और आने वाले समय में यह कृषि आय को प्रभावित कर सकता है। श्री सिंह ने यहां शुक्रवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के 57वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि पानी और भूमि की कमी, मिट्टी की गुणवत्ता में गिरावट, जलवायु परिवर्तन से तापमान में वृद्धि और वष्ा में उतार-चढ़ाव कृषि क्षेत्र को प्रभावित करने वाले कारक हैं। इसे देखते हुए भारतीय कृषि पर जलवायु के प्रभावों का विश्लेषण करना तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धति को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में सेंसर, सेंसर नेटवर्क और संबंधित प्रौद्योगिकियां तेजी से बढ़ रही है और ये खाद्य एवं पोषण सुरक्षा तथा जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में देश के लिए महत्वपूर्ण है।

संस्थान इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने संस्थान के कामकाज की सराहना करते हुए कहा कि धान के पौधों से मीथेन गैस के उत्सर्जन का आकलन करना उसकी अतिविशिष्ट उपलब्धियों में से एक है जो संयुक्त राष्ट्र के साथ जलवायु परिवर्तन संबंधी वार्ता में भारत के हितों की रक्षा करने में मददगार हो सकता है। कृषि मंत्री ने कहा कि विभिन्न मंचों पर ‘‘वन हेल्थ’ की बातें की जा रही हैं जहां यह महसूस किया जाता है कि मिट्टी, पौधे, पशु, मानव और पर्यावरण स्वास्य के बीच उचित संबंध स्थापित करने की आवश्यकता है। इस संबंध में मिट्टी के स्वास्य का रख रखाव दूसरों के स्वास्य को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही हैं सेंसर और इससे संबंधित प्रौद्योगिकियांदइस क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थानदभारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 57वें दीक्षांत समारोह को किया संबोधित केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने जताई चिंता द्वबचाव के लिए कृषि पण्राली में सुधार की जरूरत

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