20 November, 2017

भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे संजीव सरन से वन एवं पर्यावरण छीना

लखनऊ। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे प्रमुख सचिव वन संजीव सरन पर योगी सरकार ने गाज गिरा दी। गुरूवार को हुए तबादलों में वन एवं पर्यावरण संजीव सरन से छीन लिया गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव सरन पर एक आईएएस अधिकारी एक के जैन ने भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया था। 3 पन्ने लेटर बम ने यूपी की ब्यूरोक्रेसी में हडकंप मचा दिया था। नोटबंदी के दौरान नोट बदलने के गंभीर आरोप भी संजीव सरन पर लगे थे। इसपर वन मंत्री दारा सिंह चौहान का बयान आया है. उन्होंने कहा है कि पूरे मामले की जाँच होगी।

आईएएस अधिकारी के मामले की होगी जाँच:

  • वन मंत्री ने कहा है कि आईएएस अधिकारी पर जो आरोप हैं उसकी जाँच होगी।
  • इस बीच आईएएस ए के जैन ने सीएम योगी से मिलने के लिए वक्त माँगा है।
  • आईएएस अधिकारी ने सीएम के सचिव को पत्र लिखा है।
  • आईएएस ने कहा है कि ऐसा लग रहा है मानों घुटन भरे वातावरण में काम हो रहा हो।
  • हालाँकि वन मंत्री का कहना है कि उन्हें आईएएस की चिट्टी नहीं मिली है।
  • उन्होंने कहा कि सीएम को भी इस मामले की जानकारी नहीं है।

चिट्ठी में लगाए गए ये आरोप, फूटा गुस्सा

  • चिट्ठी में लिखा गया है कि कृपया मेरे अर्धशासकीय पत्रांक 1735/2-1 दिनांक 26 मई 2017 तथा आपको पृष्ठांकित पत्रांक 1794 बजे 21 दिनांक 2 जून 2017 का संदर्भ ले जिसमे मैंने आपको अवगत कराया था कि प्रभागीय वनाधिकारी आगरा तथा आगरा जीवन में अनुशासन हीनता फैलाई जा रही है।
  • इसके पीछे उनको आप का संरक्षण प्राप्त है।
  • पुराने नोटों को बदलने की बात भी आईएएस अधिकारी द्वारा चिट्टी में कही गई।
  • सभी राज्य के अंदर प्रवेश करने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली गई।
  • परंतु उसे चलान द्वारा बैंको में पुरानी करेंसी के रूप में जमा किया गया।
  • इस प्रकार करीब 15 से 20 करोड रुपए पुरानी करेंसी को नई करेंसी में बदलने की जानकारी थी।
  • केके सिंह से घनिष्ठताको आगरा जोन में अनुशासन हीनता का सबसे बड़ा कारण बताया था।
  • केके सिंह को आगरा में इसलिए तैनात किया क्योंकि यहां पूरे देश से पर्यटक आते हैं।

rgautamlko@gmail.com

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