20 January, 2018

जबरन रिटायर करने के लिए एक भी आईएएस नहीं ढूंढ पाई स्क्रीनिंग कमेटी

Bundelkhand, Rajiv Kumar, Uttar Pradesh Chief Secretary Rajiv Kumar
  • स्क्रीनिंग के दौरान यूपी कैडर के कई अफसरों की अधूरी मिलीं फाइलें
  • अगले माह फिर होगी कमेटी की बैठक
  • केन्द्रीय डीओपीटी को भेजी जाएंगी फाइलें

लखनऊ।पचास की उम्र पार कर चुके यूपी कैडर के तीन दर्जन से ज्यादा भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की सेवा को लेकर मंगलवार को यहां एनेक्सी भवन में स्क्रीनिंग की गयी। मुख्य सचिव के साथ समिति की काफी देर तक चली स्क्रीनिंग बैठक में तो कोई निर्णय नहीं हो पाया, लेकिन दो दर्जन आईएएस पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तलवार लटक गयी है। स्क्रीनिंग के दौरान कई अफसरों की सेवा पंजिका (सर्विस बुक) फाइलें अधूरी मिलीं, इसके चलते स्क्रीनिंग कमेटी की फिर अगले माह बैठक होगी और फिर राज्य सरकार की ओर से जरूरी कार्रवाई की अनुशंसा केन्द्रीय कार्मिक मंत्रालय (डीओपीटी) को भेज दी जाएगी।

 

एनेक्सी में मुख्य सचिव राजीव कुमार के साथ स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में अनिवार्य सेवानिवृत्ति को लेकर एक अहम बैठक हुई। इस दौरान पांच अफसरों के रिकार्ड अधूरे मिले। समिति के सदस्यों ने राज्य के कार्मिक विभाग से सभी चिह्नित अफसरों की फाइलों को पूरे रिकार्ड के साथ लाने का निर्देश दिया। सूत्रों का कहना है कि सर्विस रिकार्ड को लेकर हुई इस बैठक के दौरान समिति के दो अन्य सदस्य भी मौजूद रहे, इनमें राजस्व परिषद के अध्यक्ष के अलावा केन्द्र के प्रतिनिधि के रूप में आये एक अन्य अधिकारी शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि बैठक में जिन अफसरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने को लेकर र्चचा की गयी, इनमें कुछ को लेकर समिति सकारात्मक रही।

 

जानकारों का कहना है कि कुछ अफसरों पर भले ही आरोप लगे हों, लेकिन अभी उनके खिलाफ दोष साबित नहीं हो पाया है। अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए ऐसे अफसरों को अलग रखा जा सकता है। फिलहाल राज्य की ओर से दो दर्जन से अधिक अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा समिति की अगले महीने की बैठक के बाद हो सकती है। इस बारे में शासन में मंगलवार को अफसरों में हड़बड़ी तो रही, लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई बोलने को तैयार नहीं है।

rgautamlko@gmail.com

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