11 December, 2018

छह माह कानपुर में मुफ्त होंगे सुलभ काम्पलेक्स

SULABH TOILETS

कानपुर। शासन ने कानपुर महानगर को खुले में शौच मुक्त घोषित किया है। लेकिन अभी भी बहुत से लोग खुले में शौंच कर रहें है। जिसके चलते नगर आयुक्त ने अनोखी पहल शुरू की है। जिसके तहत अब किसी भी सुलभ काम्पलेक्स में शौंच के लिए रूपया नहीं देना पड़ेगा। यह स्कीम छह माह के लिए होगी। 

 

नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि लोगों मे खुले में शौंच जाने की आदत छोड़ने के लिए यह सुविधा छह माह के लिए दी जा रही है। जिससे लोगों की खुले में शौच जाने की आदत छूटे। इस छह माह का सभी सुलभ काम्पलेक्स का वहन नगर निगम उठाएगा। जिनके घर शौचालय नहीं बने हैं। उनके लिए एक व्यवस्था यह भी है कि ऐसे परिवार 100 रुपए का कार्ड बनवा लें, जो पूरे परिवार के सदस्यों के लिए एक माह का होगा। फिलहाल छह माह तक शौचालयों में सेवा फ्री किए जाने के एवज में सारा खर्च नगर निगम वहन करेगा। निजी एजेंसियों को भी नगर निगम भुगतान करेगा। शहर को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। पर्याप्त शौचालय बनवाए जा चुके हैं। 

 

होगा उत्सव सा माहौल

 

नगर निगम ने खुले में शौच से प्रभावित स्थलों पर उत्सव का माहौल बनाने के लिए अनूठी पहल की है। अब यहां ठीक उसी तरह चूने का छिड़काव हर रोज किया जाएगा जैसे किसी वीआईपी के कार्यक्रम में आने पर किसी स्थल पर किया जाता है। नगर आयुक्त का कहना है कि इससे कुछ लोग अपनी आदत को बदलने का प्रयास करेंगे। उन्हें शर्म महसूस होगी। ऐसे स्थल हर रोज साफ किए जाएंगे।

 

बनेंगे 500 निजी टॉयलेट

 

अब शहर में 500 निजी शौचालय एचडीएफसी के सहयोग से बनाए जाएंगे। फिलहाल बैंक के जरिए 8000 रुपए प्रति निजी शौचालय के रूप में नगर निगम को भुगतान किया जाएगा। नगर निगम सभी शौचालयों का सत्यापन करके लाभार्थी को भुगतान करेगा। नगर आयुक्त ने बताया, यह रकम 15 से 20 हजार रुपए तक किए जाने की कोशिश की जा रही है। कई और बैंकों से इस संबंध में वार्ता चल रही है। पीपीपी मॉडल पर कई कम्युनिटी टॉयलेट बनाए जाने की तैयारी है।

 

एसटीएफ का होगा गठन

 

नगर आयुक्त अविनाश सिंह का कहना है कि अब खुले में शौच वाले चिह्नित स्थान के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस एसटीएफ का दायित्व सिर्फ यही रहेगा। भोर में तीन बजे से सुबह के सात बजे तक यह फोर्स इलाकों में गतिशील रहेगी। राउंड करते हुए तरह-तरह के उपक्रम करेगी। हालांकि हमारा मकसद कार्रवाई करना नहीं बल्कि ऐसे लोगों को सुधारना है जिनकी आदत में खुले में शौच करना शुमार हो गया है।

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