21 October, 2018

दलित छात्रों के लिए ‘कालीदास’ बना समाज कल्याण विभाग!

शिशुपाल सिंह
लखनऊ। आपको जानकर हैरानी होगी कि अभी तक आटा, दाल, चीनी आदि घरेलू सामान बेचने वाला उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम अब राजकीय आश्रम पद्घति विद्यालयों में 21,27,22000 करोड़ के कम्प्यूटर लैब स्थापित करेगा। भले ही विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब स्थापित करने का अनुभव निगम के पास नहीं है। जबकि यूपीडेस्को, यूपीएससी और श्रीट्रान इंडिया जैसी विशेषज्ञ कम्प्यूटर एवं इलेक्ट्रिानिक्स उपकरणों की आपूर्ति करने वाली तीनों सरकारी संस्थाओं को पूरी तरह से नजर अंदाज किया गया है।  लेकिन यह खेल समाज कल्याण विभाग के निदेशक की मेहरबानी की वजह से हुआ है। जहां इस खेल की शिकायत मुख्यमंत्री से होने के बाद सत्ता के गलियारों में खूब चर्चा है वहीं भ्रष्टïाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली योगी सरकार के संकल्प को समाज कल्याण विभाग के अफसर मखौल उड़ा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बीती 13 अगस्त 2018 को समाज कल्याण विभाग के निदेशक जगदीश प्रसाद ने उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के अधिशासी निदेशक को पत्र लिखकर अवगत कराया था कि समाज कल्याण विभाग के अधीन आजमगढ़, गोरखपुर, वाराणसी और विन्धयांचल मण्डल के 21 राजकीय आश्रम पद्घति विद्यालयों (आजमगढ़ मण्डल के मूसेपुर, मेहनगर, रसडा, गोरखपुर मण्डल का चौराचौरी, पतरागोला, सिरसिया हेतिमपुर, लक्ष्मीपुर कुशीनगर पडरौना, मेहरौना वाराणसी मण्डल के चंदापुर, सातोमहुआ सारनाथ, तरसड़ा, सैदपुर, हेतिमपुर, नौगढ़, न्यासपुर सिरकौनी, विध्यांचल मण्डल के परसिया, मडि़हान, दुद्घी, घोरवाल, राबर्टसगंज और ओबरा) में पढ़ रहे गरीब बच्चों के लिए कम्प्यूटर लैब की स्थापना के लिए कुछ नियम शर्तों के साथ आदेश दिए।
22 अगस्त 2018 को एडवोकेट राजीव मिश्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर समाज कल्याण विभाग द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के जरिए लगवाए जा रहे 21,27,22000 करोड़ के कम्प्यूटर लैब में भारी अनियमितता की आशंका जताते हुए जांच की मांग की। इस पत्र में दावा किया गया कि बाजार में उपलब्ध कम्प्यूटरों के दामों में भारी अंतर है। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा दलितों के गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
समाज कल्याण विभाग के सूत्रों का कहना है कि समाज कल्याण विभाग का सबसे कुख्यात और दागी अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी पी.सी. उपाध्याय और निदेशक जगदीश प्रसाद व समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री के गठजोड़ की वजह से दलितों के कल्याण के लिए चलाई जा रही हर योजना में अनियमितता का खेल शुरू हो गया है। इसी वजह से राजकीय आश्रम पद्घति विद्यालयों में 21,27,22000 करोड़ के कम्प्यूटर लैब स्थापित करने के लिए विशेषज्ञ कम्पनियों को नजर अंदाज कर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण निगम को क्रयादेश जारी किया गया है।
समाज कल्याण निदेशक जगदीश प्रसाद से कई बार सम्पर्क किए जाने पर प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई। प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह ने कहा कि अगर कोई अनियमितता हुई तो जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री से प्रतिक्रिया लेने के लिए कई बार सम्पर्क किया गया। लेकिन कोई उत्तर नहीं मिल पाया।

 

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