15 August, 2018

बीबीडी बैडमिंटन एकेडमी की अंधेरगर्दी पर पर्दा डालने में जुटे खेल निदेशक

एम.एम. सरोज
लखनऊ। अपने काले कारनामों से चर्चित डा. राम प्रकाश सिंह हैं तो खेल विभाग के निदेशक, लेकिन स्वायत्तशासी संस्था बाबू बनारसी दास बैडमिंटन एकेडमी के अंधेरगर्दी पर परदा डालने में हर तिकड़म अजमा रहे हैं। एक आरटीआई एक्टिविस्ट और राज्य सूचना आयोग की सक्रियता ने बाबू बनारसी दास बैडमिंटन एकेडमी और खेल निदेशक के धांधलेबाजी की पोल खोल दी है।
बताते चले कि लखनऊ निवासी असलम सिद्दीकी ने दिसंबर 2015 में उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय में आरटीआई लगाकर पूछा था कि क्या खेल विभाग को जानकारी है कि खेल के नाम पर सरकार से सस्ती जमीन लेकर बैडमिंटन अकैडमी शादी-विवाह समारोहों के आयोजन के जरिए कमाई कर रहा है। अगर इसकी जानकारी है तो खेल निदेशालय में क्या कार्रवाई की। अगर जानकारी नहीं है तो अब एकेडमी के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी। खेल निदेशालय से सूचना न मिलने पर इसकी अपील राज्य सूचना आयोग में की गई। इसके साथ ही एकेडमी में वैवाहिक आयोजनों की शिकायत सितंबर 2017 में भाजपा विधायक रामचंद्र यादव ने मुख्यमंत्री से की थी। सचिव मुख्यमंत्री ने इसकी जांच के आदेश खेल निदेशक को दिए। इस पर खेल निदेशक डा. आरपी सिंह ने यह तर्क देते हुए शिकायत खत्म करने की बात कही थी कि उत्तर प्रदेश बैडमिंटन एकेडमी स्वायत्तशासी संस्था है। इसमें खेल निदेशालय का हस्तक्षेप नहीं होता, जबकि जमीन के पैसे की एग्रीमेंट के शासनादेश में स्पष्ट उल्लेख है कि एकेडमी के परिसर का उपयोग पूरी तरह खेलों के लिए खेलकूद विभागाध्यक्ष के निर्देश पर किया जाएगा।
सूचना आयुक्त उस्मान ने बताया कि सुनवाई के दौरान आवेदक ने आयोग में कई दस्तावेज दाखिल किए। इन दस्तावेज में लीज के साथ 21 अगस्त 2000 का वह शासनादेश भी है, जिसमें इस एकेडमी की जमीन के लिए 1,02,39,000 हजार रुपये सरकार की ओर से भुगतान करने का उल्लेख है। शासनादेश में कहा गया है कि भुगतान के बाद एलडीए उत्तर प्रदेश बैडमिंटन के पक्ष में जमीन ट्रांसफर की औपचारिकताएं पूरी कर देगा। इसमें स्पष्ट किया गया है कि एकेडमी परिसर का उपयोग पूरी तरह खेलों के लिए किया जाएगा। ऐसे में यहां वैवाहिक आयोजन होना नियम विरुद्ध है। विपिन खंड स्थित बाबू बनारसी दास बैडमिंटन एकेडमी में वैवाहिक समारोहों को लेकर दाखिल आरटीआई पर राज्य सूचना आयोग ने सख्त कदम उठाया है। आयोग का नोटिस नजरअंदाज करने और आरटीआई के तहत मांगी गईं सूचनाएं न देने पर सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने एलडीए के अधिशासी अभियंता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और मामले की जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने आदेश में स्पष्ट किया है कि अपर मुख्य सचिव आवास 30 दिन में जांच कर रिपोर्ट दें। यह अवधि सात जून को पूरी हो रही है।
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने बताया कि पहले तो खेल निदेशालय ने सूचना नहीं दी। सख्ती पर यह मामला एलडीए का बताया। एलडीए के जनसूचना अधिकारी को नोटिस भेजा तो उन्होंने इसे अधिशासी अभियंता प्रवर्तन जोन एक ट्रांसगोमती का कार्यक्षेत्र बताया, लेकिन अधिशासी अभियंता ने आयोग का नोटिस अनदेखा कर दिया। इस पर आयोग ने सात मई को 25 हजार का जुर्माना लगाते हुए 30 दिन में सूचना उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे। खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह और अपर मुख्य सचिव खेल मोहम्मद इफ्तेखारूद्दीन ने इस मुद्दे पर कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया।

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