11 December, 2018

खिलाडिय़ों की ‘डाइट’ डकार गए खेल निदेशक!

Sports Director of Uttar Pradesh, Ram Prakash Singh, Corruption

एम.एम. सरोज

लखनऊ। योगी सरकार की भ्रष्टïाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की धज्जियां खेल विभाग में उड़ रही हैं। खेल निदेशक के भ्रष्टïाचार की चर्चा खेल विभाग के हर कोने से लेकर सत्ता के गलियारों में है। खेल विभाग के बजट की कई ऑडिट रिपोर्ट चीख-चीख कर कह रही हैं कि जबरदस्त भ्रष्टïाचार हुआ है। लेकिन खेल निदेशक के काले कारनामों पर खेल मंत्री और प्रमुख सचिव खेल धृतराष्टï्र बन गए हैं। जिससे प्रदेश में खेलों और खिलाडिय़ों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
बताते चलें कि अखिलेश यादव सरकार में खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह भ्रष्टïाचार के आरोप में निलम्बित हो चुके हैं। गोमती नगर स्टेडियम में करोड़ों रुपए का सामान गबन करने का आरोप हैं। इसके साथ ही क्षेत्रीय क्रीडा अधिकारी के पद पर तैनात रहने के दौरान खिलाडिय़ों की डाइट दूध, ब्रेड, मीट, अण्डा, मक्खन, पनीर आदि में खूब हेरा-फेरी की है। विभिन्न खेलों की किट की खरीद में गोलमाल किया गया है। खिलाडिय़ों के छात्रावासों में व्यय होने वाले बजट में खूब बाजीगरी की गई है। यह सभी आरोप स्थानीय निधि लेखा परीक्षा (ऑडिट) विभाग में खुलासा हुआ था। इस मामले में पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार ने सितम्बर 2013 में निलम्बित भी किया था।
खेल विभाग के सूत्रों का कहना है कि खेल निदेशक डा. राम प्रकाश सिंह विभागीय अफसर होने के कारण खेल विभाग के हर कर्मचारी और अधिकारी की कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हैं। विभाग के अधिकतर अफसर किसी न किसी मामलें में आरोपी हैं। यही वजह है कि खेल विभाग के अधिकतर दागी हैं। इन दागी अफसरों की कमजोरी के कारण खेल निदेशक की मनमानी चरम पर हैं।
सूत्रों का कहना है कि जिलों में तैनात कुछ क्षेत्रीय क्रीडा अधिकारी पर फंड ट्रांसफर या काम न होने के बावजूद फंड यूटलाइजेशन सर्टीफिकेट जारी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन नौकरी जाने के डर की वजह से क्षेत्रीय क्रीडा अधिकारी खेल निदेशक के दबाव में नहीं आए। खेल मंत्री चेतन चौहान और प्रमुख सचिव खेल मोहम्मद इफ्तेखारूद्दीन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। लेकिन कोई कार्रवाई के बजाए खेल निदेशक का समर्थन किया है। इसको लेकर खेल विभाग के कुछ ईमानदार अफसरों में जबरदस्त रोष है। कुछ अफसरों का कहना है कि मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष शिकायतें की गई हैं, लेकिन खेल निदेशक के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उलटे विभागीय शिकायतकर्ता के खिलाफ खेल निदेशक ने सख्त कार्रवाई कर दी है।खेल निदेशक डा. राम प्रकाश ने कोई भी प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। प्रमुख सचिव खेल मोहम्मद इफ्तेखारूद्दीन ने जरूर कहा

 

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