23 October, 2018

मलाईदार थानों में जमे हैं जुगाड़बाज सिपाही और दरोगा

Sub inspector, Constable, police station, lucknow
  • अरसे से एक ही थाने में डटे हैं कई सिपाही-दरोगा 
  • डीजीपी व आईजी जोन के फरमान भी हुए बेअसर

एम.एम.सरोज

लखनऊ । राजधानी के पारा, तालकटोरा, काकोरी व अन्य थानों में तैनात दरोगा व सिपाही वर्षो से एक ही थाने में जमे हैं और मलाईदार पदों पर विराजमान हैं। इन पर पुलिस महानिदेशक का फरमान भी बेअसर साबित हो रहा है। यह सभी पुलिसकर्मी नियमावली को दरकिनार कर सपा सरकार के नेताओं के करीबी होने के कारण अब तक फायदा उठाते रहे हैं। अब जबकि भाजपा सरकार बने नौ महीने से अधि हो गए हैं और कप्तान से लेकर एएसपी तक बदले जा चके हैं, फिर भी यह लोग पुलिस आफि स, पुलिस चौकी और थानों में मठाधीश बने बैठे हैं। इन लोगों की जुगाड़ इतनी जबरदस्त रहती है कि उच्चाधिकारी भी इन पर कार्रवाई करने से कतराते हैं।

तालकटोरा थाने की पारा चौकी को 2012 में थाना बनाया गया था, तभी बैच संख्या- 4952 कांस्टेबिल विनय कुमार तिवारी की पारा थाने में तैनाती हुई थी, जिसके बाद उनकी कृष्णानगर, कैसरबाग, काकोरी व पुलिस लाइन के लिए स्थान्तरण हुआ था लेकिन अभी वह वहीं जमे हैं। आईजी जोन जयनारायण सिंह द्वारा थाने के औपचारिक निरीक्षण के बाद छहमाह से अधिक समय तक तैनात सभी पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन भेजने का फरमान जारी हुआ था लेकिन पुलिस नियमावली को दरकिनार कर विनय कुमार तिवारी डटे हैं।

तालकटोरा थाने में एसएसआई अभिमन्यु मल्ल और सिपाही विनय कुमार सिंह 2012 से एक ही थाने में मलाई काट रहे है, जबकि अभिमन्यु मल्ल का स्थानान्तरण उन्नाव जनपद हो चुका है। इसी थाने में तैनात एक सिपाही भी दरोगा के रसूख से कम नहीं है। सिपाही विनय कुमार पांच साल से एक ही थाने में मलाई काट रहा है। पांच साल में सिपाही का हजरतगंज से लेकर कई थानों में तबादला किया जा चुका है, लेकिन वह मजबूती से बाजारखाला थाने में डटा है। सिपाही ने जुगाड़ से सीओ बाजारखाला के विशेष ड्यूटी के नाम पर आदेश करा रखा है।

यही हाल काकोरी थाने का है। यहां सिपाही राजेश राय पांच साल से घूम फिरकर इसी थाने में तैनात है। वह मलाईदार थाने का मोह नहीं छोड़ पर रहे। वहीं दरोगा सुखपाल सिंह का इटौंजा थाने में स्थानान्तरण होने के बाद भी रवानगी नहीं करा रहे हैं। थानों में स्थानान्तरण होने के बावजूद सालों से एक ही थाने में डटे पुलिसकर्मियों ने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूर्व में यही पुलिसकर्मी सत्ताधारी नेताओं के करीबी थे, लेकिन सरकार बदलने के बाद नवागत कप्तान दीपक कुमार ने इस तरफ ध्यान क्यों नहीं दिया। यहां बता दें कि उक्तसिपाही व दरोगाओं का हमेशा विवादों से गहरा नाता रहा है।

पारा थाना जनपद के अन्य थानों से ज्यादा विवादित होने के कारण आईजी जोन जयनारायण सिंह ने यहां औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने थाने में छहमाह से अधिक तैनात करीब 56 पुलिसकर्मियो को लाइनहाजिर कर गैरजनपद में तैनाती का फरमान जारी किया गया था लेकिन उनका फरमान इन पुलिसकर्मियों पर बेअसर रहा। अगर पुलिस महानिदेशक के आदेशों पर एसएसपी दीपक कुमार पालन करें तो पुलिस कार्यालय व जनपद के सभी थानों में ऐसे लोग मिलेंगे जो कि जुगाड़ के चलते लम्बे समय सें एक ही स्थान पर तैनात हैं । उनके कारण योग्य, तेजतर्रार व ईमानदार पुलिसकर्मियों को आगे आने का मौका नहीं मिल रहा। 

rgautamlko@gmail.com

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