केसरिया गुझिया होली में घोलेगी मिठास

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  • सिविल में 7 व बलरामपुर अस्पताल को डीएनबी की ग्यारह सीटों की मान्यता

लखनऊ। राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर होगी। नेशनल बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशन (डीएनबी) दिल्ली की कार्यवाही पूरी होने के बाद डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में सात और बलरामपुर अस्पताल को ग्यारह सीटें मिली हैं। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. आशुतोष दुबे ने बताया कि डीएनबी के तीन विभागों में सात सीटें मिली हैं, इनमें रेस्पेरेटरी (चेस्ट) मेडिसिन में चार सीट, जनरल सर्जरी में दो सीट और जनरल मेडिसिन में एक सीट मिली। वहीं आर्थोपेडिक विभाग में भी सीटें मिल सकती हैं। इसी प्रकार बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डा. राजीव लोचन ने बताया कि सर्जरी में दो सीट, मेडिसिन में तीन, एनेस्थीसिया में चार, ईएनटी में दो मिली हैं। उन्होंने बताया कि पैथालॉजी में सीटों की स्वीकृति मिलने का प्रतीक्षा की जा रही है।

  • डफरिन के पास मिला नवजात बच्ची का शव

लखनऊ। वीरांगना अवंतीबाई महिला चिकित्सालय (डफरिन) के पास शुक्रवार को नवजात बच्ची का शव मिलने से हड़कम्प मचा। शव बच्ची का होने के कारण लोगों तमाम प्रकार के कयास लगाने लगे। डफरिन और बलरामपुर अस्पताल प्रशासन ने अपने वाडरे में सभी बच्चों की पड़ताल करायी लेकिन डफरिन में कोई भी बच्चा मृत होने से साफ इनकार कर दिया।

  • दुकानों पर मिलेगीं दस किस्म की खास गुझिया
  • विदेशों तक में भेजने की व्यवस्था

लखनऊ। रंगों का त्योहार होली पर गुझिया की बात न हो तो सब बेकार है, इसलिए इस बार बाजारों में खोया की पारम्परिक गुझिया के साथ ही मिठाई की बड़ी दुकानों ने करीब दस किस्म की गुझिया तैयार की हैं। पिस्ता चिलगोजा, अंजीर, बादाम व केसरिया मेवा गुझिया लोगों को खास आकर्षित करेगी। मिठाई के बड़े कारोबारियों ने दिल्ली- मुम्बई तक से कारीगरों को बुलाया है। इन पकवानों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है, कि कम से कम 15 दिनों तक आसानी से रखा जा सके। इसके लिए दो चरणों में गुझिया बनायी जा रही हैं, जिससे अधिक दिनों के होने के कारण गुझिया और पकवान खराब न हो सकें। शहर की 20 बड़ी मिठाई की दुकानों ने इस होली पर करीब एक करोड़ की गुझिया व अन्य पकवान बेचने का लक्ष्य रखा है।गोमती नगर स्थित एक प्रतिष्ठित दुकान के प्रबंधक हर्षल गुप्ता बताते हैं, कि होली पर गुझिया की मांग को देखते हुए पारम्परिक गुझिया के साथ ही करीब दस किस्म की गुझिया तैयार की गयी है। इसकी रेंज Rs650 प्रतिकिलो से Rs 3000 तक की रखी गयी है। गोमती नगर की नीलकण्ठ स्वीट्स में केसरिया तिरंगा गुझिया तैयार की गयी है।

इसी तरह कैन्ट स्थित छप्पन भोग, क्लासिक महानगर, राधेलाल अलीगंज, महालक्ष्मी अलीगंज, श्याम स्वाद अलीगंज, राम आसरे, मधुरमिलन अमीनाबाद, गणपति स्वीट्स विकास नगर, कनिष्का स्वीट्स मलिक टिम्बर गोमती नगर व रिज्ड की सभी शाखाओं पर होली के पकवान तैयार किए जा रहे हैं। इन सभी मिठाई कारोबारियों ने दिल्ली से खास किस्म के मेवे मंगाए हैं।शुगर फ्री व रोस्टेड गुझिया की भी बढ़ रही मांग : मधुमेह के बढ़ते रोगियों को देखते हुए मिठाई कारोबारियों ने इसका भी खास ध्यान रखा है। दुकानों पर शुगर फ्री गुझिया तैयार की जा रही है। इन गुझियों में चीनी की जगह शुगर फ्री पाउडर का प्रयोग किया जा रहा है और खास ऐसे मेवे की फिलिंग की जा रही है जो मीठे तो हैं,लेकिन मधुमेह रोगियों के लिए खास हानिकारक नहीं हैं। इसके साथ ही दिल के मरीजों के लिए तली हुई गुझिया हानिकारक होती है, इसलिए रोस्टेड गुझिया भी तैयार की गयी है जिसमें घी का प्रयोग बहुत कम किया गया है।विदेशों तक गुझिया पहुंचाने की व्यवस्था : अगर आपका कोई खास विदेश में है और वो आपके साथ होली मनाने राजधानी में नहीं आ सकता तो, परेशान होने की जरूरत नहीं है। उसके पास होली की गुझिया, रंग व आपकी शुभकामनाएं पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी भी मिठाई कारोबारियों ने ली है। इसके लिए कोरियर कम्पनियों सेअनुबंध किया गया है। आकांक्षा समिति द्वारा बनायी जा रही गुझिया : शहर की बड़ी-बड़ी मिठाई की दुकानों के साथ ही समाजसेवी संगठन आकांक्षा समिति की गुझिया व पकवान की अपनी अलग ही पहचान है। बटलर पैलेस स्थित समिति के कारखाने में दर्जनों गरीब महिलाएं गुझिया, मठरी व मसाले तैयार करके अपना खुशहाल जीवन यापन कर रही हैं। शुद्धता इस केन्द्र की अपनी पहचान है सभी पकवान खास किस्म के वनस्पतियों से तैयार किए जाते हैं। महिलाओं की मेहनत से संस्था को होने वाले लाभ को गरीब परिवार की महिलाओं व बच्चों के कल्याण उनकी शिक्षा आदि में खर्च किया जाता है।