15 August, 2018

योगी के हंटर से थर्राई नौकरशाही 

दो डीएम सहित चार अफसरों पर गिरी गाज, कई रडार पर 

प्रभाष श्रीवास्तव
लखनऊ।  जिसकी आशंका थी वही घटित हुआ, लगभग 14 माह के कार्यकाल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की नौकरशाही को बड़ी सरलता और विनम्रता से डील कर रहे थे, जिसका खामियाजा यह हुआ कि जहां सत्तारूढ़ पार्टी को गोरखपुर-फूलपुर और कैराना की लोकसभा सीट को गवांना पड़ा वहीं सत्तारूढ़ पार्टी के कार्यकर्ताओं की नाराजगी बढऩे के बाद से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी पूर्व सीएम और बसपा सुप्रीमो मायावती के नक्शे  कदम पर चल रहे हैं। सीएम योगी ने भ्रष्टाचार को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बड़ा एक्शन लिया। उन्होंने गोण्डा एवं फतेहपुर के जिलाधिकारी सहित चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया। साथ ही एक आईएएस अधिकारी को दिव्यांग जैसे विभाग में तैनाती के आदेश दे दिए। इस कार्यवाही से जहां एक ओर जनता खुश है वह भ्रष्टाचार के खिलाफ इसे बड़ा कदम बता रही है। मुख्यमंत्री के इस कदम से नौकरशाही में हड़कम्प मच गया है।
भ्रष्टाचार को समाप्त करने के वायदे के साथ बहुमत में आयी भाजपा सरकार के खिलाफ  भ्रष्टाचार के शिकायतें बहुत आ रही थी। आम जनता से लेकर भाजपा नेता एवं सरकार के मंत्री भी इससे परेशान थे। कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर तो अपनी सरकार पर ही आये दिन भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहते थे। उन्होनें कई बार यह भी कहा कि सपा सरकार की तुलना में इस सरकार में दोगुना भ्रष्टाचार बढ़  गया है। इतना ही भाजपा के एक विधायक सुरेन्द्र्र सिंह ने गत दिनों कहा कि अधिकारी पैसा लेकर भी काम नहीं कर रहे हैं। उनकी स्थित एक वैश्या से बदतर हो गयी है। इसके अलावा बाबा राम देव पंतजंलि फूड पार्क को दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात सामने आयी। इसे लेकर कंपनी के आचार्य बाल कृष्णा ने भी आरोप लगाया था कि अधिकारियों के लापरवाही एवं उदाशीनता के कारण यह पार्क अब दूसरी जगह बनाया जायेगा। खैर सरकार ने पंताजंलि के अधिकारियों को समझा बुझा कर यूपी  में ही फूड पार्क बनाने के लिए राजी कर लिया। भ्रष्टाचार को लेकर लग रहे आारोपों को समाप्त करने  के लिए सीएम ने गुरूवार को गोण्डा के डीएम  जेबी सिंह को खाद्यान्न वितरण में लापरवाही के आरोप में निलम्बित कर दिया। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी राजीव कुमार एवं विपणन अधिकारी अजय विक्रम को भी निलम्बित कर दिया। जे.बी.  सिंह पीसीएम से प्रोमोट  होकर आईएएस बने थे। इसी तरह गेहंू खरीद में लापरवाही  के आरोप में फतेहपुर के डीएम कुमार प्रशांत को भी निलंबित कर दिया। इनके खिलाफ  चंदौली में भी स्वच्छ  भारत मिशन में शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। इसके अलावा लंबे समय तक निर्वाचन आयोग में रहे बलकार सिंह कुछ समय से भूतत्व एवं खनिज विभाग में निदेशक के पद पर  तैनात थे। हाल में उनका तबादला बस्ती डीएम के लिए किया गया था। लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। ऐसे में उन्हें दिव्यांग जैसे असरहीन विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। इससे पूर्व बसपा सरकार में आईएएस अधिकारी सुरेन्द्र मोहन, टी पी पाठक, मुकुल सिंघल, पुलिस अधिकारी महेन्द्र लालका, सहित करीब दर्जन भर अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था।
सरकार की इस कार्रवाई से जनता तो खुश है और इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा कदम बता रही है। इसको नजीर मानकर वह भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने की उम्मीद जता रही है। लेकिन नौकरशाह नाराज है। उस पर सरकार का दबाव बढ़ जायेगा। ऐसे में सरकारी योजनाओं के क्रियावयन में भी परेशानी बढ़ सकती है। एक आईएएस अधिकारी ने बताया कि योगी सरकार में अधिकारियों पर बड़ा दबाव है। काम करने से अधिक समय समीक्षा में देना पड़ता है। सीएम से लेकर विभागीय मंत्री, प्रभारी मंत्री, मुख्य सचिव, आयुक्त सभी आए दिन समीक्षा बैठकें किया करते हैं। इस कार्यवाही से अधिकारी दबाव में आ जायेंगे और उनमें नकारात्मक सोच बढ़ेगी। इससे सरकारी कार्य भी प्रभावित होंगे।

निलंबन को लेकर आईएएस एसोसियेशन नाराज 

लखनऊ। यूपी आईएएस एसोसियेशन ने देर शाम मुख्य सचिव राजीव कुमार से भेंट करके दो जिलाधिकारियों के निलम्बन पर आपत्ति जतायी है। एसोसियेशन का आरोप है कि गोंडा व फतेहपुर के जिलाधिकारियों के निलम्बन में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसलिए दोनों जिलाधिकारियों को बहाल किया जाये। देर शाम आईएएस एसोसियेशन के सचिव आलोक कुमार तृतीय, संजय भूसरेड्डी, राजीव कपूर, अमित मोहन प्रसाद, नितिन रमेश गोकर्ण, हिमांशु कुमार, सुधीर गर्ग, भुवनेश कुमार, पार्थ सारथी सेन शर्मा, अमित कुमार और पंकज कुमार ने मुख्य सचिव राजीव कुमार से मुलाकात करके दोनों जिलाधिकारियों के निलम्बन प्रक्रिया पर नाराजगी जतायी। आईएएस एसोसियेशन  ने मुख्य सचिव से कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सही तथ्यों से अवगत करायें और इन दोनों अधिकारियों को बहाल किया जाये। मुख्य सचिव से मिलकर निकलने के बाद आईएएस एसोसियेशन के सचिव आलोक कुमार ने कहा कि मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया है कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर पूरे मामले में उचित कार्रवाई का अनुरोध करेंगे।

 

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