23 January, 2018

राज्यपाल ने विधान मंडल से पारित आठ विधेयकों को दी अनुमति

RAM NAIK

लखनऊ। धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों के दौरान शांति भंग के मुकदमों के बोझ से अब नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को मुक्ति मिलेगी। राज्यपाल राम नाईक ने विधानमंडल से पारित उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) (संशोधन) 2017 समेत आठ विधेयकों को अनुमति दे दी है। अब ये प्रभावी हो गए हैं और इनका क्रियान्वयन भी शुरू हो जाएगा।

राज्य सरकार ने अदालतों में लंबित छोटे मुकदमों के निस्तारण के लिए उप्र दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन) की अवधि बढ़ा दी है। अपराधों का शमन और विचारणों का उपशमन में एक जनवरी, 2013 के स्थान पर 31 दिसंबर, 2015 कर दिया गया है। इससे एसडीएम कोर्ट में लंबित 107 (शांति भंग) व 109 सीआरपीसी के करीब 20 हजार मुकदमे निस्तारित हो जाएंगे। इसके अलावा राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान) विधेयक 2017, व्यवसाय संघ (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक 2017, उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2017 को अपनी अनुमति प्रदान कर दी है।

उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा प्रदेश में स्थापित औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की कार्यक्षमता बढ़ाने एवं उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से केंद्रीयित सेवायें सृजित करने तथा प्राधिकरण में पद धारण करने वाले व्यक्ति का दूसरे प्राधिकरण में स्थानान्तरण करने के लिए पूर्व में अधिनियमित उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम 1976 में संशोधन किया गया है। उत्तर प्रदेश आधार (वित्तीय और अन्य सहायिकियों, प्रसुविधाओं और सेवाओं का लक्ष्यित परिदान) विधेयक 2017 द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य की संचित निधि से वित्त पोषित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यावयन के लिए ‘आधार’ के उपयोग करने से संबंधित है। व्यवसाय संघ (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा पूर्व में अधिनियमित अधिनियम में नए सिरे से व्यवस्था की गयी है कि व्यवसाय संघ के रजिस्ट्रेशन हेतु आवेदन प्राप्त होने पर रजिस्ट्रीकर्ता अधिकारी आवेदन तारीख से नब्बे दिन के भीतर उस पर निर्णय लेगा अन्यथा व्यवसाय संघ रजिस्ट्रीकृत किया समझा जायेगा।

उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2017 द्वारा वर्तमान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में हुए तीव्र विकास तथा निर्माण की तकनीकों में हुए परिवर्तन के कारण पूर्व में स्थापित अधिनियम में कुछ धाराएं बढ़ाई गयी है। उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण इलाहाबाद विधेयक 2017 इलाहाबाद में संगम पर आयोजित किये जाने वाले महाकुंभ, कुंभ, माघ एवं अन्य मेलों के आयोजन हेतु सुदृढ़ व्यवस्था करने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश प्रयागराज मेला प्राधिकरण, इलाहाबाद’ के गठन से संबंधित है। इस संबंध में 13 नवंबर, 2017 को अध्यादेश भी प्रख्यापित किया गया था। इसी में अर्धकुंभ को कुंभ और कुंभ को महाकुंभ का नाम दिया गया है। उत्तर प्रदेश आबकारी (संशोधन) विधेयक 2017 में अवैध शराब के विषाक्त होने और उसके सेवन से होने वाली जनहानि पर मृत्युदंड तक की सजा का प्रावधान किया गया है। उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2017 द्वारा पूर्व में अधिसूचित और अप्रचलित एवं अनुपयोगी हो चुके 15 अधिनियमों को निरस्त कर दिया गया है।

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