18 April, 2019

सत्तापक्ष ने कहा वाह, विपक्ष ने आह बजट

ब्यूरो संवाददाता

नई दिल्ली/एजेंसी। मोदी सरकार ने अगले वित्त वर्ष के लिए शिक्षा क्षेत्र के लिए 93,847.64 करोड़ रपए आवंटित किए हैं जो पिछले बजट आवंटन से 10 फीसद से अधिक है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल द्वारा लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 के लिए पेश अंतरिम बजट में उच्च शिक्षा के लिए 37,461.01 करोड़  रुपए तथा स्कूली शिक्षा के लिए 56,386.63 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले वित्त वर्ष में अरुण जेटली ने शिक्षा क्षेत्र के लिए 85,010 करोड़ रपए आवंटित किए थे। गोयल ने अंतरिम बजट में 2022 तक स्वास्थ्य संस्थानों सहित प्रमुख शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान संबंधी गतिविधियों में निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से अगले चार वर्ष के लिए एक लाख करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए कई लोक.लुभावन घोषणाएं की हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नाम से एक नई योजना के तहत छोटे किसानों को तीन किस्तों में सालाना 6,000 रुपये की नकद सहायता देने का एलान किया। इस योजना से सरकारी खजाने पर सालाना 75,000 करोड़ रुपये का वार्षिक बोझ पड़ेगा। यह सहायता दो हेक्टेयर से कम जोत वाले किसानों को उपलब्ध होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना से 12 करोड़ किसान लाभान्वित होंगे। इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में 20,000 करोड़ रुपये और अगले वित्त वर्ष के लिए 75,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह योजना एक दिसंबर 2018 से लागू मानी जाएगी। दो हेक्टयेर से कम भूमि वाले छोटे किसान योजना का लाभ पाने के पात्र होंगे।

सर्वव्यापी, सर्वस्पर्शी और सर्व समावेशी यह बजट न्यू इंडिया के लक्ष्यों की प्राप्ति में देश के 130 करोड़ लोगों को नई ऊर्जा देगा। यह बजट गरीब को शक्ति देगा,  किसान को मजबूती देगा, श्रमिकों को सम्मान देगा, मध्य वर्ग के सपनों को साकार करेगा, ईमानदार आयकर दाताओं का गौरव गान करेगा, आधारभूत क्षेत्र के निर्माण को गति देगा और अर्थव्यवस्था को बल देगा।

अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव से पहले मोदी सरकार द्वारा पेश अंतरिम बजट में किसानों, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और नौकरी,पेशा मध्यम वर्ग को विभिन्न तरीकों से तोहफा प्रदान किया गया है। सरकार इन वर्ग को ये सुविधाएं उस समय देने जा रही है, जब मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग को लेकर उसकी आलोचना तेज हो गई थी। इसे वोट की प्रतिस्पद्र्धी लोकतांत्रिक राजनीति में विपक्ष की इन आलोचनाओं का जवाब माना जा रहा है, जिससे अंतत: आम आदमी को लाभ होगा। इन तीन क्षेत्रों के लिए बजट में कुल मिला कर करीब सवा लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इससे कुल मिला करीब 25 करोड़ लोगों को फायदा होगा।

गोयल ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए उनकी पांच लाख रुपये तक की सालाना आय को कर मुक्त कर दिया। इससे पहले ढाई से पांच लाख रुपये तक की आय पर पांच प्रतिशत, पांच से दस लाख रुपये पर 20 प्रतिशत तथा दस लाख रुपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लागू है। पांच लाख रुपये तक की आय के कर मुक्त होने के बाद सबसे निम्न स्लैब पूरी तरह कर मुक्त हो गया है। आयकर संबंधी इस प्रस्ताव से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ कर दाताओं को लाभ मिलेगा। छूट सीमा बढ़ाने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपये का बोझ बढ़ेगा। मानक कटौती को भी मौजूदा 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। गोयल ने कहा कि पांच लाख रुपये की आय करमुक्त होने के साथ विभिन्न निवेश योजनाओं में डेढ़ लाख रुपये तक का निवेश करने पर कुल मिलाकर साढ़े छह लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई कर नहीं देना होगा।

वित्त मंत्री की इस घोषणा के समय सदन सत्ता पक्ष के सदस्यों की मेजों की थपथपाहट से गूंज गया।गोयल ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना की घोषणा की गई है। इसके तहत श्रमिकों को 60 साल की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत श्रमिकों को मासिक 100 रुपये का योगदान करना होगा। इसके साथ ही 100 रुपये की राशि सरकार की तरफ से भी दी जाएगी। इससे 10 करोड़ श्रमिकों को फायदा होगा। गोयल ने अपना बजट भाषण समाप्त करते हुए कहा कि यह केवल अंतरिम बजट नहीं है, बल्कि देश के विकास का माध्यम है। वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहली बार देश का रक्षा बजट तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा।

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