20 January, 2018

गांधी की हत्या की अब जांच क्यों : तुषार गांधी

Mahatma Gandhi's assassination, Tushar Gandhi, Divyasandesh

नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की दोबारा जांच करने की मांग करनेवाली एक याचिका का महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने विरोध किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी अमरेन्द्र शरण से इसके कानूनी पक्ष के बारे में पूछा। कोर्ट ने एमिकस क्यूरी को चार हफ्ते में इस याचिका पर कानूनी पक्ष पेश करने का निर्देश दिया।

पिछले 6 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर आश्चर्य व्यक्त किया था। मुंबई के पंकज फड़नीस ने याचिका दायर कर कहा है कि अमेरिका के पास काफी गोपनीय जानकारी थी। इसे छुपाया गया। महात्मा गांधी की हत्या में ज्यादा लोगों के शामिल होने की संभावना है| इसलिए इसकी दोबारा जांच होनी चाहिए। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इतने साल बाद गवाह और सबूत कहां से आएंगे। क्या इस केस में पर्याप्त सबूत हैं कि दोबारा जांच के आदेश दिए जा सकते हैं। क्या लिमिटेशन एक्ट के तहत इतने दिनों बाद इस मामले की दोबारा जांच की जा सकती है।

जस्टिस एसए बोब्डे और जस्टिस एल नागेश्वर राव ने कहा था कि कोर्ट किसी संगठन को दोषी नहीं ठहरा सकती लेकिन क्या इससे जुड़ा कोई व्यक्ति अभी भी जिंदा है। फड़नीस ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में सुनवाई का मौका ही नहीं मिला क्योंकि जब अभियुक्तों को सजा दी गई उस समय सुप्रीम कोर्ट का अस्तित्व ही नहीं था। याचिकाकर्ता फड़नीस अभिनव भारत संगठन के आईटी कंसल्टेंट और ट्रस्टी हैं। याचिका में कहा गया है कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे फोर्स 136 संगठन का हाथ था और सुप्रीम कोर्ट को मामले की छानबीन करनी चाहिए। ये मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि अगर इस साजिश से पर्दा उठेगा तो भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध ठीक हो जाएंगे।

rgautamlko@gmail.com

Review overview
NO COMMENTS

POST A COMMENT