21 October, 2018

रिटायर्ड आईएएस अफसरों को उपकृत करने में योगी सरकार अव्वल

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शिशुपाल सिंह
लखनऊ। सूबे के रिटायर और जुगाड़बाज नौकरशाही को उपकृत करने के मामले में मुलायम, माया और अखिलेश यादव सरकार को योगी सरकार ने पीछे छोड़ दिया है। सूबे के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय का रिटायरमेंट में अभी छह माह अवशेष है, लेकिन अपने रिटायरमेंट का सेटलमेंट अभी से तैयार कर लिया है। नवगठित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट एथारिटी में धीमे से अध्यक्ष नियुक्त हो गए हैं। मुख्य सचिव की देखा-देखी कई आईएएस अफसर अपने रिटायरमेंट का समायोजन के लिए योगी सरकार और भाजपा संगठन में चरण वंदना शुरू कर दिया है।
मालूम हो कि रिटायर्ड आईएएस अफसरों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किए जाने के अपने निर्णयों को सरकारें यह कहकर तर्क देती है कि प्रशासनिक क्षमता और दक्षता का लाभ उठाने के लिए अफसरों की सेवाएं ली जाती है। कोई भी सरकार हो यह कहने की स्थिति में नहीं है कि उसने किसी टायर्ड या रिटायर्ड को उपकृत नहीं किया है। यूपी में ऐसे आईएएस अफसरों की लम्बी फेहरिस्त है। पूर्ववर्ती मायावती सरकार में मुख्य सचिव रहे शंभूनाथ को हिन्दी संस्थान का उपाध्यक्ष बनाया गया था। प्रमुख सचिव पद से रिटायर हुए राजेन्द्र भौनवाल को राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाया गया था। इसी तरह मायावती सरकारों में मलाईदारों पोस्टों पर रहे श्रीकृष्ण को रिटायर होने के बाद उन्हें राज्य लोकसेवा अधिकरण का उपाध्यक्ष (प्रशासनिक) पद पर तैनाती दी गई थी। मायावती सरकार में ही एस.आर. लाखा को पहले लोक सेवा आयोग अध्यक्ष फिर महामाया प्राविधिक विश्वविद्यालय का कुलपति का अध्यक्ष बनाया गया। मायावती सरकार में ही मुख्यसचिव रहे अतुल कुमार गुप्ता क ो वित्त आयोग अध्यक्ष बनाया गया। प्रमुख सचिव पद से स्वैच्छिक सेवानिवृति लेने वाले कपिल देव स्थानीय निकाय पालिका बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया। कृषि उत्पादन आयुक्त पद से सेवानिवृत हुए अनीस अंसारी को कांशीराम अरबी फारसी विश्वविद्यालय का कुलपति बनाया गया। मायावती ने पिछले कार्यकाल में ही शशांक शेखर सिंह को एडजस्ट करने के लिए न सिर्फ प्रदेश में पहली बार मंत्रिमंडलीय सचिव का पद क्रियेट किया था, जबकि अपने मुख्यमंत्रित्व काल में प्रमुख सचिव पद से सेवानिवृत हुए एस.डी. बागला को एससीएसटी कमीशन का चेयरमैन बनाया गया था।
मायावती सरकार ने ही रिटायर्ड आईएएस रामकुमार को राज्य सूचना आयुक्त बनाने का प्रयास किया था लेकिन राज्यपाल ने इस पर असहमति जताई थी, उसके बाद उन्हें पुलिस सुधार आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। मायावती से पूर्व की सरकारों में रिटायर्ड आईएएस मलाई काटने में पीछे नहीं रहे। मुख्यसचिव रहे वी.के. मित्तल जहां बुन्देलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति बनाए  गए थे। पूर्व मुख्य सचिव भोलानाथ तिवारी को वित्त सलाहकार परामर्शदात्री समिति के चेयरमैन बनाए गया। यूपी के मुख्य सचिव रहे योगेन्द्र नारायण को जहां राज्यसभा में महासचिव बनने का मौका मिला तो यूपी कैडर के ही आईएएस वजाहत उल्ला सेवा निवृत होने के बाद पहले केन्द्रीय मुख्य सूचना आयुक्त बने। ट्राई के चेयरमैन रहे नृपेन्द्र मिश्र अब मोदी सरकार ने फिर अपना प्रमुख सचिव बनाया है। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष और रिटायर्ड आईएएस देश दीपक वर्मा को राज्य सभा का महासचिव बनाया गया है। अफसरों को महिमा मंडित करने की प्रवृति हर सरकार की रही।
पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार ने प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और राजस्व परिषद के अध्यक्ष जावेद उस्मानी की मुख्य सूचना आयुक्त पद पर तैनाती देकर उपकृत किया गया था। इससे पहले अखिलेश यादव सरकार ने पूर्व नौकरशाह सतीश अग्रवाल को राज्य निर्वाचन आयुक्त में तैनाती दी है। पूर्व मुख्य सचिव नवीन चंद्र वाजपेयी को राज्य योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाने के साथ ही राज्य मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया है। पीसीएस से आईएएस रहे तपेन्द्र प्रसाद ने वीआरएस लेकर सपा पार्टी को ज्वाइन किया। सपा सरकार ने तपेन्द्र प्रसाद को प्रशासनिक सुधार विभाग में सलाहकार नियुक्त किया था। साथ ही पार्टी में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। पूर्व दिवंगत नौकरशाह करनैल सिंह को मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया था। देश दीपक वर्मा को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का अध्यक्ष बनवाया है। किशन सिंह अटोरिया को मेम्बर ट्रिब्रनल बनाया गया। इसके बाद मोदी सरकार ने राज्यसभा का महासचिव भी बनाया। चतुर्थ वित्त आयोग के अध्यक्ष पद पर रिटायर्ड आईएएस आनंद मिश्र को तैनात किया।
योगी सरकार में रिटायर्ड आईएएस रोहित नंदन को राज्य लोकसेवा अधिकरण, जी.बी. पटनायक को जल निगम का अध्यक्ष, वृंदा स्वरूप को वेतन समिति का अध्यक्ष, रिटायर्ड आईपीएस शैलजाकांत को मथुरा बोर्ड का अध्यक्ष और ईमानदार छवि के वरिष्ठï आईएएस मनोज कुमार को राज्य निर्वाचन आयोग का आयुक्त बनाया गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का अध्यक्ष वरिष्ठï आईएएस वीरेश कुमार को बनाया था। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष चंद्रभूषण पॉलीवाल को बनाया गया है। पूर्व मुख्य सचिव राजीव कुमार को रेरा का अध्यक्ष और रिटायर्ड आईएएस बलविन्दर कुमार को सदस्य बना गया है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रहे राज प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है।
उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट एथारिटी के स्वरूप के गठन का खाका पूर्व मुख्य सचिव राजीव कुमार के समय तैयार हो गया था। लेकिन रिटायर हो जाने के बाद इसके गठन की तैयारियां ठप हो गई थी। यूपी के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय का रिटायरमेंंट फरवरी 2019 तक अवशेष है। लेकिन अपने रिटायरमेंट के बाद की व्यवस्था अभी से शुरू कर दी हैं। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट एथारिटी के अध्यक्ष का पद मुख्य सचिव को नामित किया गया है। लेकिन अभी इसे मुख्य सचिव के पदनाम से हटाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। जिससे बाद में इस पद पर बने रहे। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट एथारिटी में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय के साथ ही राजस्व परिषद के अध्यक्ष प्रवीर कुमार और गौतम बुद्घ विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, उद्योग बंधु, इंडस्ट्री और वित्त विभाग के अफसरों के नाम भी शुमार हैं। अगले साल रिटायर हो रहे कई आईएएस अफसरों ने अपने रिटायरमेंट के बाद की लाइफ को सेटल करने के लिए जुट गए हैं।

 

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